Maharashtra: जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव के लिए अध्यादेश मंजूर, नामांकन पर अफसर का फैसला अंतिम

Mumbai News: महाराष्ट्र सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव समय पर कराने के लिए अधिनियम में संशोधन का अध्यादेश मंजूर किया है। अब नामांकन पर निर्वाचन अधिकारी का फैसला अंतिम होगा।
Maharashtra Local Body Election
महाराष्ट्र निकाय चुनाव (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को समय पर पूरा कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, 1961 में संशोधन के लिए अध्यादेश लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

इस अध्यादेश के तहत नामांकन पत्रों को स्वीकार या अस्वीकार करने से जुड़े मामलों में निर्वाचन अधिकारियों का फैसला अंतिम माना जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में “महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) अध्यादेश, 2025” को स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में होने वाली देरी को रोकना और पूरी चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से संपन्न कराना है।

कानूनी अड़चनों में कमी आने की उम्मीद

सरकारी बयान के अनुसार, अब नामांकन पत्रों की जांच और उन पर निर्णय लेने का अधिकार निर्वाचन अधिकारियों के पास होगा और उनके फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकेगी। इससे चुनाव प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाले विवादों और कानूनी अड़चनों में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि बार-बार होने वाली आपत्तियों और न्यायिक प्रक्रियाओं के कारण चुनाव टलने की स्थिति बनती थी, जिसे यह संशोधन दूर करेगा।

नियम बनाने का स्पष्ट अधिकार

संशोधन के जरिए राज्य सरकार को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए आवश्यक नियम बनाने का स्पष्ट अधिकार भी दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक स्पष्टता लाने और चुनावी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।

यह अध्यादेश ऐसे समय में लागू किया गया है, जब राज्य में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए समय पर चुनाव होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कानूनी बदलाव किया गया है, ताकि चुनावी कार्यक्रम तय समयसीमा में पूरा किया जा सके और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संशोधन का उद्देश्य पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है, न कि किसी पक्ष को लाभ या हानि पहुंचाना। आने वाले समय में इस अध्यादेश के प्रभावी क्रियान्वयन पर सभी की नजरें रहेंगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com