

Heatwave In Maharashtra: महाराष्ट्र में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण कई इलाकों में पीने के पानी की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुएं, बोरवेल और अन्य छोटे जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं। इससे नागरिकों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए जलापूर्ति शुरू रखी है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
11 मई से 17 मई 2026 के बीच सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 15 जिलों के 633 गांवों और 1652 बस्तियों में पानी की भारी किल्लत है। इन इलाकों की प्यास बुझाने के लिए कुल 706 टैंकर तैनात किए गए हैं, जिनमें 33 सरकारी और 669 निजी टैंकर शामिल हैं। वर्तमान में यह टैंकर ही ग्रामीण जनता के लिए पीने के पानी का मुख्य सहारा बने हुए हैं
राज्य में सबसे ज्यादा 244 टैंकर छत्रपति संभाजीनगर विभाग में चलाए जा रहे हैं, जो 138 गांवों और 64 बस्तियों की जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इसके अलावा ठाणे विभाग में 155 टैंकर, नाशिक विभाग में 159 टैंकर और पुणे विभाग में 131 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। अमरावती विभाग के 17 गांवों के लिए 17 टैंकर कार्यरत हैं, जबकि नागपुर विभाग में फिलहाल एक भी टैंकर की जरूरत नहीं पड़ी है।
जिला प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन वैकल्पिक जलस्रोतों के इस्तेमाल, कुओं के अधिग्रहण और जलाशयों के उचित प्रबंधन पर जोर दे रहा है ताकि आने वाले दिनों में संकट को और बढ़ने से रोका जा सके।