वोटर लिस्ट विवाद के बीच कोलंबिया की टीम मुंबई पहुंची, चुनाव आयोग सक्रिय
Voters List में गड़बड़ी के आरोपों के बीच महाराष्ट्र सरकार और चुनाव आयोग कोलंबिया पैटर्न का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि फर्जी और डुप्लीकेट वोटरों की पहचान कर सूची को सटीक बनाया जा सके।
- Written By: अपूर्वा नायक
वोटर लिस्ट (सौजन्य- फाइल फोटो)
Vote Chori In Maharashtra: वोट चोरी और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के मुद्दे पर महाराष्ट्र सहित पूरे देश की राजनीति में कोहराम मचा है। महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों के चुनावों की पृष्ठभूमि में विपक्ष वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा पूरी आक्रामकता के साथ उठा रहा है।
विपक्ष सवाल उठा रहा है कि विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या कैसे बढ़ी ? इससे राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में राज्य सरकार डुप्लीकेट मतदाताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ी की समस्या का समाधान खोजने के लिए कोलंबिया पैटर्न का अध्ययन कर रही है। सहयोग के लिए कोलंबिया की टीम शनिवार को मुंबई पहुंची।
निकाय चुनावों से पहले कई जगहों पर फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज होने के आरोप विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में कोलंबिया का एक दल शनिवार को मुंबई पहुंचा। ऐसी घोषणा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस। चोक्कलिंगम ने शनिवार को सुबह में पत्रकार परिषद के दौरान की थी।
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निर्धारित दौरे के अनुरूप कोलंबिया के दल ने शनिवार को धारावी स्थित एक मतदान केंद्र का दौरा किया था। दल के लिए धारावी की एक ही इमारत में स्थित 38 मतदान केंद्र के अनूठे रिकॉर्ड और इसकी व्यवस्था सबसे बड़ा आकर्षण था।
दल ने जानकारी ली कि इतनी बड़ी संख्या में मतदान केंद्र किस प्रकार स्थापित और प्रबंधित किए जाते हैं? इसके अलावा, दल ने एलिफेंटा केव्स (गुफाओं) जैसे दुर्गम और दूरदराज के इलाके में मतदान केंद्र के संचालन के तरीके का भी जायजा लिया।
भारत में मतदाता सूची बनाने में मिलेगी मदद
- यह दल सोमवार को कोलंबिया वापस चला जाएगा। गौरतलब हो कि इससे पहले थाईलैंड का दल भी अध्ययन के लिए आ चुका है।
- राज्य में मतदाता सूची में गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए चुनाव आयोग कोलंबिया की तकनीक का अध्ययन कर रहा है।
- इसके जरिए डुप्लीकेट मतदाता या फर्जी मतदाताओं का पंजीकरण रोक कर, डुप्लीकेट मतदाताओं का पता लगा कर और उनके नाम कम करके
- चुनाव आयोग राज्य में मतदाता सूची पर उठ रहे सवालों को हल करने का गंभीरतापूर्वक प्रयास कर रहा है।
- ऐसा दावा किया जा रहा है कि कोलंबिया पैटर्न से मतदाता सूची में एकरूपता आएगी।
उनका मुख्य उद्देश्य बिहार चुनाव में मुंबई से होकर जा रहे थे। इस दौरान उनसे पूरी चुनाव प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई।
– एस। चोकलिंगम, मुख्य चुनाव अधिकारी- महाराष्ट्र
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क्या है कोलंबिया का वोटर पैटर्न ?
- कोलंबिया में, सरकार ने जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को मतदाता सूची से जोड़ दिया है। इससे 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही युवाओं को मतदाता के रूप में पहचान पत्र मिल जाता है।
- इसके लिए किसी आवेदन के माध्यम से अनुरोध नहीं करना पड़ता।
- साथ ही, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका नाम मतदाता सूची से स्वतः ही हट जाता है।
- इसलिए, डुप्लीकेट मतदाता पंजीकरण नहीं होता। साथ ही, मृत्यु के बाद भी मतदाता का नाम सूची में नहीं रहता।
- इसलिए कोलंबिया पैटर्न को भारत में भी आजमाने की तैयारी चल रही है।
