विधानभवन पास घोटाला: नकली लेटरहेड से 50 फर्जी पास जारी; सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
Assembly Security News: महाराष्ट्र विधानमंडल में फर्जी लेटरहेड के जरिए 50 प्रवेश पास जारी करने का मामला सामने आया है।उदय सामंत के खुलासे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और पास सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
उदय सामंत ने विधानसभा सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा (सौ. डिजाइन फोटो )
Maharashtra Assembly Fake Pass Scam: महाराष्ट्र विधानमंडल में इन दिनों एक गंभीर घोटाला सुर्खियों में है। राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने खुद विधान परिषद में यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि उनके ‘महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के नकली लेटर हेड का इस्तेमाल कर विधानभवन के करीब 50 प्रवेश पास जारी किए गए और प्रत्येक पास के लिए ढाई से तीन हजार रुपए वसूले गए।
मंत्री उदय सामंत ने बताया कि 2 दिन पहले एमआईडीसी का डमी लेटरहेड तैयार कर उस पर उनके विभाग के 50 लोगों के नाम और अधिकारियों के पद दर्ज किए गए। इसके बाद उस लेटरहेड को स्कैन कर उस पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और विधानभवन कार्यालय से प्रवेश पास हासिल कर लिए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि विधानमंडल के कुछ कर्मचारियों ने न केवल उनके मंत्रालय बल्कि अन्य कई मंत्रालयों के भी ऐसे नकली लेटरहेड तैयार किए थे।
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विधायक मिटकरी ने भी उठाया सवाल इस मामले पर विधायक अमोल मिटकरी ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि जब सुरक्षा कारणों से पास वितरण पर सख्त नियंत्रण है, तब कुछ संगठनों के कार्यकर्ता विधानसभा परिसर में कैसे पहुंचे।
मिटकरी के अनुसार कुछ लोग न केवल परिसर में पहुंचे बल्कि उन्होंने एक दालान में भोजन भी किया और अधिवेशन के दौरान पास हासिल कर परिसर में कुछ विशेष प्रकार की किताबें भी वितरित कीं। उन्होंने पूछा कि ऐसे लोगों को अंदर आने की अनुमति किसने दी और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए
उदय सामंत ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ विधान परिषद के सभापति राम शिंदे से भी की। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके विभाग की नहीं, बल्कि महाराष्ट्र सरकार और पवित्र विधानमंडल की प्रतिष्ठा पर सीधा हमला है, ऐसे लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सभापति का सख्त कार्रवाई का आश्वासन
सभापति राम शिंदे ने कहा कि यह मामला पहले से उनके संज्ञान में था और गहन जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिवेशन समाप्त होने से पूर्व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बम धमकी के बाद भी सुरक्षा-व्यवस्था लचर
- उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और पास नियमों को कड़ा किया गया था।
- बावजूद इसके नकली लेटरहेड के जरिए फर्जी पास जारी होना विधानभवन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
