एटीसी (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Transport Crisis: महाराष्ट्र के कई जिलों में परिवहन गतिविधियां गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही हैं। वाहन फिटनेस से जुड़ी प्रक्रियाओं के बाधित होने के कारण ट्रांसपोर्टर्स और वाहन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 26 दिसंबर 2025 को जारी निर्देशों के बाद उत्पन्न हुई है। निर्देश के अनुसार, जिन क्षेत्रों में स्वचालित परीक्षण केंद्र (Automated Testing Centre – ATC) कार्यरत हैं, वहां आरटीओ के मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) द्वारा मैनुअल फिटनेस परीक्षण की सुविधा समाप्त कर दी गई है।
नए नियम लागू होने के बाद समीपवर्ती जिलों के आरटीओ में फिटनेस प्रमाणपत्र के निर्गमन या नवीनीकरण के लिए आवेदन करते समय वाहन पोर्टल पर सिस्टम जनित प्रतिबंध संदेश दिखाई दे रहा है। इसके चलते आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है और बड़ी संख्या में वाहन संचालन से बाहर हो गए हैं।
फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिलने से व्यावसायिक वाहनों का संचालन बाधित हो रहा है। इससे माल परिवहन, यात्री सेवाएं और लॉजिस्टिक सेक्टर प्रभावित हो रहा है, जिसका असर सीधे अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सलाहकार एवं पूर्व अध्यक्ष बाल मलकीत सिंह ने कहा कि मंत्रालय के निर्देशों में एटीसी के विस्तार की कार्ययोजना का उल्लेख जरूर है, लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि पूरे संबंधित क्षेत्र के लिए फिलहाल केवल नाशिक में एक ही स्वचालित परीक्षण केंद्र उपलब्ध है। इतने बड़े भौगोलिक क्षेत्र के लिए एकमात्र एटीसी पर्याप्त नहीं है, जिससे वाहन मालिकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
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ट्रांसपोर्ट संगठनों ने मांग की है कि जब तक पर्याप्त संख्या में एटीसी शुरू नहीं हो जाते, तब तक मैनुअल फिटनेस परीक्षण की अनुमति दी जाए, ताकि परिवहन व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रह सके।