महाराष्ट्र सरकार का बड़ा पर्यटन प्लान, 16 करोड़ से 38 करोड़ तक पर्यटक बढ़ाने का लक्ष्य
Maharashtra Budget: महाराष्ट्र सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 38 करोड़ पर्यटकों का लक्ष्य रखा है। किलों, ज्योतिर्लिंगों और कुंभ मेले के विकास के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट प्लान 2026 (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Tourism Development Plan 2026: राज्य की भाषा, कला, पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पर्यटकों की संख्या 16 करोड़ से बढ़ाकर 38 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए मुंबई, सिंगापुर और दुबई में पर्यटन निवेश चैंबर बनेंगे। साथ ही 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करेगा। अगले साल 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती है।
महात्मा फुले के कामों को सम्मान देने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। इसी तरह इस साल संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती है। इस मौके पर संत गाडगे बाबा के जन्मस्थान, कर्मभूमि और अंतिम श्रद्धा स्थल को जोड़ा जाएगा और एक ‘संत गाडगे बाबा तीर्थ क्षेत्र सर्किट’ बनेगा।
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चावदार तले सत्याग्रह के 100 वर्ष
डॉ बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा शुरू किए गए महाड, रायगढ़ में ‘चावदार तले सत्याग्रह’ के सौ साल पूरे होने के मौके इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के लिए एक डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाएगा।
12 पर किलों की देखभाल
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज नॉमिनेशन पाने वाले राजगढ़, रायगढ़, शिवनेरी, सिंधुदुर्ग, विजयदुर्ग समेत 12 किलों में बचाव और संवर्द्धन के लिए जरूरी फंड का प्रावधान किया गया है। पुणे के हवेली में अंबेगांव-बुद्रुक में शिवसृष्टि प्रोजेक्ट आएगा।
कुंभ के लिए 20 हजार करोड़ ग्रोथ हब के रूप में नाशिक का विकास
बजट में नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इसमें सड़क, जलापूर्ति, नदी घाट, परिवहन व्यवस्था और शहर की मूलभूत सुविधाओं के सुधार के लिए धन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र के पांच ज्योतिर्लिंग के विकास के लिए 5 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को समन्वयक नियुक्त किया गया है। इसमें त्र्यंबकेश्वर मंदिर के व्यापक विकास के लिए भारी फंड की व्यवस्था की गई है।
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5 ज्योतिर्लिंगों के लिए 881.89 करोड़
महाराष्ट्र सरकार ने इन ज्योतिर्लिंगों के विकास कार्यों के लिए 881.89 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इसमें भीमाशंकर (पुणे), त्र्यंबकेश्वर (नासिक), घृष्णेश्वर (छत्रपति संभाजीनगर), औंढा नागनाथ (हिंगोली) और परली वैजनाथ (बीड) शामिल हैं।
