
Maharashtra Top 10 News Updates: महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियां और सामाजिक मुद्दे एक साथ गर्मा गए हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के ठाणे भाषण और गणेशोत्सव के दौरान विवादित बयानों ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है, जिस पर एडवोकेट गुणरत्न सदावर्ते और नासिक के महंत सुधीरदास ने तीखा हमला बोला है। दूसरी ओर, पुणे में डीजे और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सर्वधर्म नागरिकों ने सड़क पर उतरकर मोर्चा निकाला।
शिक्षा विभाग ने नए स्कूलों की मान्यता पर शिक्षा मंत्री के अधिकारों को स्पष्ट किया है, जबकि नागपुर में MPSC पेपर लीक के बाद 2022 से अब तक की परीक्षाओं की न्यायिक जांच की मांग उठी है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने ठाणे के गडकरी रंगायतन में आयोजित मनसे पदाधिकारियों के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश और राज्य की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर चौतरफा हमला बोला है।
महाराष्ट्र में नए स्कूलों को मंजूरी देने के अधिकार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने कहा है कि नए स्कूलों को मान्यता देने का महत्वपूर्ण अधिकार अब भी स्कूल शिक्षा मंत्री के पास ही रहेगा। हालांकि, प्रशासनिक कामकाज को गति देने और निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण अधिकार विभाग के प्रधान सचिव और आयुक्त को सौंपे गए हैं।
पुणे के फोटो विवाद पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा दिए गए प्रोटोकॉल के ज्ञान पर अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया और बेहद आक्रामक मोड़ आ गया है। प्रसिद्ध वकील एडवोकेट गुणरत्न सदावर्ते ने राज ठाकरे पर तीखा पलटवार किया है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के नजदीक आते ही त्योहारों के दौरान बजने वाले DJ, लेजर लाइट और पारंपरिक वाद्यों को लेकर भारी विवाद छिड़ गया है। इस विवाद के केंद्र में पुणे के विद्यानंद बापट हैं, जो लगातार डीजे और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
गणेशोत्सव के दौरान दंगे भड़काने की साजिश किए जाने का दावा करने वाले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे पर नाशिक के महंत सुधीरदास पुजारी ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज बेहद सहिष्णु है और त्योहारों के दौरान दंगे भड़काना उसका उद्देश्य नहीं है। ऐसे में बार-बार हिंदुओं को दोषी ठहराना गलत है। राज ठाकरे को हिंदू समाज को बदनाम करने वाले बयान देने से बचना चाहिए।
वर्धा जिले की राजनीति में इन दिनों विकास कार्यों से ज्यादा उन पर होने वाली बयानबाजी सुर्खियां बंटोर रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सांसद अमर काले एक के बाद एक मुद्दे उठाकर पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर और भाजपा विधायक सुमीत वानखेड़े को घेर रहे हैं।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'गर्लफ्रेंड' से बात करने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप अख्तियार कर लिया।शनिवार तड़के यवतमाल के पिंपलगांव इलाके में एक 18 वर्षीय युवक की धारदार हथियारों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
दहीहंडी के दौरान घायल गोविंदा के इलाज के बिल को लेकर पालघर के रिलीफ अस्पताल में आधी रात के बाद जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि सत्तारूढ़ शिवसेना के कुछ पदाधिकारी और उनके समर्थक अस्पताल में घुस गए और डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की।
नागपुर जिले में औषधि निरीक्षक पद की परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की अन्य परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विदर्भ प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने वर्ष 2022 से अब तक एमपीएससी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं की स्वतंत्र और न्यायिक जांच कराने की मांग की है। समिति का आरोप है कि कुछ परीक्षाओं के मूल्यांकन और अंक देने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में बजने वाले गगनभेदी डीजे (DJ) और हाई-डेसिबल साउंड सिस्टम के खिलाफ पुणे में विरोध की आग भड़क उठी है। शहर की शांति और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए रविवार को 300 से अधिक जागरूक नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर एक बड़ी विरोध रैली निकाली। बालगंधर्व चौक से पुणे नगर निगम (PMC) मुख्यालय तक निकाली गई इस रैली में सर्वधर्म समाज के लोगों ने हिस्सा लिया और सभी धर्मों के आयोजनों में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।