

Nashik Ganeshotsav: गणेशोत्सव के दौरान दंगे भड़काने की साजिश किए जाने का दावा करने वाले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे पर नाशिक के महंत सुधीरदास पुजारी ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज बेहद सहिष्णु है और त्योहारों के दौरान दंगे भड़काना उसका उद्देश्य नहीं है। ऐसे में बार-बार हिंदुओं को दोषी ठहराना गलत है। राज ठाकरे को हिंदू समाज को बदनाम करने वाले बयान देने से बचना चाहिए।
मनसे के पदाधिकारी सम्मेलन में बोलते हुए राज ठाकरे ने आशंका जताई थी कि 14 सितंबर को गणपति के आगमन के बाद देशभर में दंगे भड़काने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा था कि केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में दंगे कराकर हिंदू-मुस्लिम समाज को इसमें उलझाया जा सकता है, ताकि अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके।
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में जानबूझकर गुस्सा और नफरत पैदा किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, जो समझदार हिंदू है, जो समझदार मुस्लिम है, दोनों को सतर्क रहना चाहिए। हमारे या उनके नाम पर कोई घुसकर दंगे भड़का सकता है। बेवजह हमारे और उनके बच्चे मारे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म पर गर्व होना ठीक है, लेकिन धर्म की झिंग में आना उचित नहीं है।
राज ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत सुधीरदास पुजारी ने कहा कि ठाणे के कार्यक्रम में राज ठाकरे ने हिंदुओं को धर्म की झिंग आने की बात कही। साथ ही हिंदू धर्म के प्रवचनकारों, संतों और महात्माओं के कारण कार्यकर्ता दंगे भड़काने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, ऐसी बात कही गई। क्या आप सांप हैं? धर्म की पुंगी पर डोल रहे हैं? इस तरह कार्यकर्ताओं को संबोधित करना उनका अपमान है। पुजारी ने कहा कि हिंदू समाज बेहद सहिष्णु है। गणपति बप्पा के आगमन के दौरान मुंबई में कुछ धर्मांध लोगों द्वारा मूर्ति पर अंडा फेंकने की घटना हुई थी।
इसके विरोध में केवल प्रतीकात्मक निषेध दर्ज कराया गया। इसे आधार बनाकर हिंदू समाज गणेशोत्सव में दंगे भड़काएगा, ऐसी बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान दंगे भड़काने का हिंदू समाज का कोई उद्देश्य नहीं है। इसके बावजूद इस तरह की बात करना एक वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता। बार-बार हिंदुओं को दोषी ठहराना उससे भी अधिक गलत है। उन्होंने मनसे कार्यकर्ताओं को भी सलाह देते हुए कहा, कार्यकर्ताओं को राज ठाकरे में उलझे नहीं रहना चाहिए। यदि आप उन्हीं में उलझे रहेंगे तो आपका कोई भविष्य नहीं है।