महाराष्ट्र में लागू होगी नई एंबुलेंस नीति: 4 ऐप्स से जुड़ेगा सिस्टम, अब नहीं वसूली जाएगी मनमानी फीस
Maharashtra Ambulance Policy: महाराष्ट्र सरकार जल्द महाराष्ट्र राज्य एंबुलेंस पॉलिसी लागू करेगी। डिजिटल ऐप, जीपीएस ट्रैकिंग और निश्चित किराए से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और रफ्तार आएगी
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आकाश मसने
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra State Ambulance Policy New Rules: महाराष्ट्र में एंबुलेंस सेवा को अधिक सक्षम, पारदर्शक, सुरक्षित और आम जनता की पहुंच में लाने के लिए मोटर वाहन विभाग जल्द ही ‘महाराष्ट्र राज्य एंबुलेंस पॉलिसी’ लागू करेगा। यह जानकारी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी। मंत्री सरनाईक ने कहा कि एंबुलेंस सिर्फ एक वाहन नहीं है, बल्कि आपातकाल में मरीज का जीवन बचाने वाली “जीवनवाहिनी” है। इसलिए इस धोरण का उद्देश्य एंबुलेंस के रजिस्ट्रेशन से लेकर सेवा, रिस्पॉन्स टाइम, दर निर्धारण और मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक की पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना है।
राज्य में 5500 से ज्यादा एंबुलेंस
वर्तमान में MEMS 108 साझेदारी योजना के तहत राज्य में लगभग 1,076 एंबुलेंस कार्यरत हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों, धर्मार्थ संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों की मिलाकर करीब 4,500 से 5,000 एंबुलेंस सेवा दे रही हैं। लेकिन मरीज को यह पता नहीं होता कि सबसे नजदीक एंबुलेंस कहां है, वह कितनी देर में पहुंचेगी, उसमें क्या सुविधाएं हैं और किराया कितना लगेगा। नई नीति से यह कमी दूर की जाएगी।
4 ऐप से जुड़ेगी पूरी डिजिटल प्रणाली
प्रस्तावित व्यवस्था में 4 अलग-अलग डिजिटल ऐप को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
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- नागरिकों के लिए ऐप – इससे लोग अपने पास मौजूद खाली एंबुलेंस देख सकेंगे, उसकी लोकेशन और पहुंचने का अनुमानित समय जान सकेंगे। वीडियो कॉल से प्राथमिक मार्गदर्शन और किराया का अंदाजा भी मिलेगा।
- चालक का ऐप- ड्यूटी शुरू-बंद करना, कॉल स्वीकार/रद्द करना, रूट गाइडेंस, ट्रेनिंग की स्थिति और किए गए ट्रिप की रिकॉर्डिंग।
- एंबुलेंस में टैबलेट – मरीज की शुरुआती जानकारी, लक्षण, इलाज की नोटिंग, अस्पताल से वीडियो संपर्क और AED, ऑक्सीजन, सक्शन जैसे उपकरणों की जांच रिकॉर्ड होगी।
RTO और स्वास्थ्य विभाग का डैशबोर्ड
हर रजिस्टर्ड एंबुलेंस की लोकेशन, स्थिति, रिस्पॉन्स टाइम, चालक की परफॉर्मेंस, कॉल रिजेक्ट करने की जानकारी और गलत इस्तेमाल की शिकायतें यहां दिखेंगी। इससे नियम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे।
किराए में मनमानी पर लगेगी रोक
अभी कई निजी एंबुलेंस के रेट सार्वजनिक नहीं होते, जिससे आपात स्थिति में परिजनों को आर्थिक दिक्कतें होती हैं। नई पॉलिसी में हर रजिस्टर्ड एंबुलेंस को ऐप पर रेट लिस्ट प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। AIS-125 वर्गीकरण के अनुसार सरकार अधिकतम दर अधिसूचित करेगी। हर ट्रिप की डिजिटल एंट्री और ई-रसीद मिलेगी, जिससे लेन-देन पारदर्शी होगा।
महाराष्ट्र सरकार पहले से ही एंबुलेंस को मोटर वाहन कर और राष्ट्रीय राजमार्ग टोल में छूट दे रही है। मंत्री ने कहा कि जब सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ मिल रहा है तो नागरिकों को भी उचित, पारदर्शी और जवाबदेह सेवा मिलनी चाहिए।
ऐप पर मिलेगा फर्स्ट-एड गाइड
इस नीति का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा चित्रों के साथ प्राथमिक उपचार मार्गदर्शन है। दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी में आम लोग भी ऐप के जरिए CPR, खून रोकना, जलने पर प्राथमिक उपचार और मरीज को सुरक्षित स्थिति में रखने जैसी जानकारी तुरंत पा सकेंगे।
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महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि दुर्घटना के बाद हर सेकंड कीमती होता है। एंबुलेंस कितनी जल्दी पहुंचती है, मरीज को प्राथमिक उपचार कब मिलता है और उसे सही अस्पताल कब पहुंचाया जाता है, इसी पर जीवन निर्भर करता है। इसलिए हम ऐसा समग्र धोरण ला रहे हैं जिसमें तकनीक, पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही का समन्वय हो। राज्य के हर नागरिक को आपातकाल में भरोसेमंद एंबुलेंस सेवा मिले, यही हमारा लक्ष्य है।
