महाराष्ट्र ST के मुकाबले अन्य राज्यों को डीजल खरीदी में ज्यादा छूट! मंत्री सरनाईक की तेल कंपनियों को दो-टूक
Maharashtra ST Bus Diesel Tender: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने तेल कंपनियों को डीजल टेंडर में दखल न देने की चेतावनी दी। पारदर्शी बिडिंग से करोड़ों की बचत और घाटे से उबारने की तैयारी।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आकाश मसने
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pratap Sarnaik Warning Oil Companies: महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और ST कॉर्पोरेशन के चेयरमैन प्रताप सरनाईक ने तेल कंपनियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ST कॉर्पोरेशन के डीजल खरीदने के टेंडर प्रोसेस में कोई दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन मंत्री सरनाईक ने बताया कि अभी राज्य ST कॉर्पोरेशन को हर दिन एवरेज 10 लाख 87 हजार लीटर डीज़ल की ज़रूरत होती है। यह डीजल ज़्यादातर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड से खरीदा जाता है।
ST को डीजल में मिल रहा डिस्काउंट
होलसेल कस्टमर होने के नाते ST को इन कंपनियों से 2.70 रुपये प्रति लीटर का डिस्काउंट मिलता था, संबंधित कंपनी के साथ मीटिंग करने के बाद इस डिस्काउंट को 30 पैसे बढ़ा दिया गया। इससे कॉर्पोरेशन को सालाना 10 से 12 करोड़ रुपये की बचत होने लगी।
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दूसरे राज्यों के मुकाबले कम छूट
महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम को दूसरे स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के मुकाबले काफी कम छूट मिलती है। इन्हीं कंपनियों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को 4 रुपये से ज़्यादा का डिस्काउंट ऑफर किया है। इतना ही नहीं, आंध्र प्रदेश ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को 5.50 रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसके पीछे की वजह दूसरे राज्यों द्वारा लागू किया गया कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रोसेस है। इधर एमएसआरटीसी ने भी डीजल खरीदी के लिए पारदर्शी टेंडर प्रोसेस शुरू किया।
देखा गया है कि कुछ कंपनियां मीडिया में झूठी खबरें फैलाकर टेंडर प्रोसेस को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। एक कंपनी ने तो इस बिडिंग प्रोसेस को बढ़ाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन कोर्ट ने भी बिडिंग प्रोसेस में दखल देने से मना कर दिया है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने संबंधित कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे बिडिंग प्रोसेस को प्रभावित करने में समय बर्बाद करना बंद करें। उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि डीज़ल खरीदने के लिए बिडिंग प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी और रेगुलरिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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डीजल पर 4,700 करोड़ का खर्च
इस समय ST कॉर्पोरेशन को कुल मिलाकर लगभग 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। डीज़ल खरीदने पर हर साल करीब 3,400 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। जल्द ही 8,000 नई डीजल बसें बेड़े में शामिल होने वाली हैं, इसलिए यह खर्च बढ़कर करीब 4,700 करोड़ रुपये होने की संभावना है। ऐसे में,अगर डीज़ल की कीमत सिर्फ 1 रुपये भी कम कर दी जाए,तो भी हर साल करीब 50 से 55 करोड़ रुपये बच सकते हैं। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने कहा कि हमारी प्राथमिकता ST का फ़ाइनेंशियल डिसिप्लिन और ट्रांसपेरेंसी बनाए रखते हुए एसटी को घाटे से उबारना है।
