‘महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक’ दोनों सदनों से पास, शुरू हुआ सियासी बवाल
महाराष्ट्र विधान परिषद में वामपंथी उग्रवादी संगठनों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने संबंधी विधेयक पास हो गया। विपक्ष ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया।
- Written By: आकाश मसने
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद ने वामपंथी उग्रवादी संगठनों की गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने संबंधी विधेयक को शुक्रवार को पारित कर दिया। हाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक को गृह राज्य मंत्री (शहरी) योगेश कदम ने राज्य विधान परिषद में पेश किया। इस विधेयक को बृहस्पतिवार को विधानसभा ने पारित किया था। राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विधेयक के पारित होने से राज्यपाल की स्वीकृति के बाद इसके कानून बनने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
इस विधेयक को लेकर विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। विधान परिषद में विधेयक पेश होने के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट करते हुए सभापति को असहमति पत्र सौंपा। इसके बाद इसे बहुमत से पास कर दिया गया।
उद्धव ठाकरे ने किया विरोध
महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि जैसा कि मैंने बताया, इस विधेयक में कहीं भी आतंकवाद या उग्रवाद का ज़िक्र नहीं है। इसलिए मेरा मानना है कि इसके तहत आम लोगों को कभी भी उठाकर जेल भेजा जा सकता है।
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Mumbai, Maharashtra: On the Maharashtra Special Public Safety Bill, Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray says, “As I mentioned, there is no mention of terrorism or extremism anywhere in this bill. That’s why I believe that common people can be picked up and jailed at any time… pic.twitter.com/IIhzUCjNdo — IANS (@ians_india) July 11, 2025
विधेयक में विपक्ष और लाेागें की चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया गया
कांग्रेस ने कहा कि विपक्षी सदस्यों, नागरिक समाज और संवैधानिक विशेषज्ञों द्वारा उठाई गई महत्वपूर्ण चिंताओं को या तो नज़रअंदाज़ कर दिया गया है या दरकिनार कर दिया गया है। संयुक्त समिति ने महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा (एमएसपीएस) विधेयक के पुराने संस्करण में केवल तीन औपचारिक संशोधन किए।
‘वामपंथी उग्रवादी’ शब्द कांग्रेस ने लाया
मंत्री योगेश रामदास कदम ने कहा कि ‘वामपंथी उग्रवादी’ शब्द असल में कांग्रेस ने ही गढ़ा था। इसका पहली बार इस्तेमाल 2006 में यूपीए सरकार के दौरान हुआ था। आज उद्धवजी उन्हीं कांग्रेसी नेताओं के साथ हैं। इसलिए कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि इस शब्द को किसने गढ़ा और इस्तेमाल किया?
Mumbai, Maharashtra: Minister Yogesh Ramdas Kadam says, “The term ‘Left Wing Extremist’ was actually introduced by the Congress. It was first used during the UPA government in 2006. Today, Uddhavji is aligned with the same Congress leaders. So the Congress should be asked: who… pic.twitter.com/IjxltV1JWE — IANS (@ians_india) July 11, 2025
इसका गलत इस्तेमाल होगा
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आज़मी ने विशेष जन सुरक्षा विधेयक पर कहा यह बिल सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ पेश किया है। यह दोनों खत्म होने चाहिए क्योंकि यह देश के लिए खतरा हैं। लेकिन इस बिल के गलत इस्तेमाल होने के अधिक चांस हैं।
अबू आजमी ने कहा कि ऐसे कानून से पुलिस को अधिक ताकत मिलती है। जब टाडा बना तो उसमें बहुत बेकसूर लोग पकड़े गए। उसमें मैं भी पकड़ा गया। टाडा में आतंकवादी लोगों को पकड़ा जाता है, जो देश के खिलाफ खड़े रहते हैं। विशेष जन सुरक्षा विधेयक का विरोध हम इसलिए कर रहे हैं इस कानून के ज़रिए दलित और सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले लोगों पर कार्रवाई करेंगे।
