महाराष्ट्र के युवाओं के लिए बड़ी पहल, कोरिया की तकनीक और स्किल सिस्टम से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
Maharashtra South Korea MOU: महाराष्ट्र सरकार ने दक्षिण कोरिया की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ तीन बड़े समझौते किए हैं। इससे राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्किल ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र दक्षिण कोरिया समझौता (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra South Korea Skill Development MOU News: महाराष्ट्र सरकार ने दक्षिण कोरिया के साथ तीन समझौते किए हैं। इसके माध्यम से कोरिया की उत्कृष्ट कौशल प्रणाली और उन्नत तकनीक भारत में आएगी, जिसका सीधा लाभ भारतीय विद्यार्थियों को मिलेगा।
इसके अलावा बुनियादी औद्योगिक कौशल से लेकर उच्च स्तरीय उन्नत कौशल तक सभी स्तरों पर प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में गुरुवार को सह्याद्री अतिथिगृह में तीन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
कौशल विकास विभाग, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास संस्था व दक्षिण कोरिया के कोरिया पॉलिटेक्निक्स, दक्षिण कोरिया के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर लाइफलॉन्ग एजुकेशन, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय तथा दक्षिण कोरिया की प्रतिष्ठित संस्थाओं की दो शाखाओं के बीच समझौते किए गए।
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अवसर पर कौशल मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनसंख्या और युवा पीढ़ी की नवाचार क्षमता का उपयोग देश के विकास के लिए करने कौशल विकास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।
भारत को विशाल भौगोलिक और जनसंख्या का लाभप्राप्त है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और यही वर्ग हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इस वर्ग की नवाचार क्षमता को ‘मानव संसाधन’ में परिवर्तित करना हमारा मुख्य उद्देश्य है।
राज्य अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। राज्य की अर्थव्यवस्था वर्तमान में 660 अरब डॉलर की है और इसे जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सभी स्तरों पर उत्कृष्ट कौशलयुक्त मानव संसाधन की आवश्यकता है।
यह अंतरराष्ट्रीय कौशल समझौता महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति को नई गति देगा। यह समझौता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही इसे व्यवहार में उतारा जाएगा। इस ऐतिहासिक सहयोग से उद्योगों को कुशल मानवबल मिलेगा और युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
कौशल विकास के लिए नया अध्याय : मंत्री लोढ़ा
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक स्तर का कौशल, आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ये समझौते अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
दक्षिण कोरिया की अग्रणी संस्थाओं के साथ यह साझेदारी राज्य की कौशल विकास व्यवस्था को नई मजबूती देगी। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित, तकनीक स्नेही और नवाचार आधारित मानव संसाधन तैयार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार प्रतिबद्ध है।
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- डीवीईटी और कोपो की साझेदारी से महाराष्ट्र में स्थापित होगा ‘लर्निंग फैक्टरी’ मॉडल।
- कोपो इस परियोजना में मुख्य भागीदार के रूप में कार्य करेगा। आवश्यकता अनुसार केटी, कीटेक और केटेक्च जैसी कोरियाई तकनीकी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
- मई से सितंबर 2026 के दौरान इन केंद्रों के लिए रणनीतिक मैन्युअल तैयार किया जाएगा और मार्च 2027 से जून 2028 के बीच इन्हें पूर्ण क्षमता से संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- एमएसएसडीएस और निले के समझौते से राज्य में ‘लाइफलॉन्ग लर्निंग’ को प्रोत्साहन मिलेगा।
- बदलती तकनीक व रोजगार आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं और कर्मचारियों को निरंतर नए कौशल सीखने के लिए डिजिटल शिक्षा और प्रमाणन प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत राज्य के लिए ‘लाइफलॉन्ग लर्निंग पॉलिसी फ्रेमवर्क’ और उसका संचालन मैन्युअल तैयार किया जाएगा।
- अपरिकलिंग और रिस्किलिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जाएगा।
- जनवरी 2027 से जून 2028 के बीच इन कार्यक्रमों को लागू किया जाएगा।
