Slum Free Mumbai: मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने का महा मिशन, महायुति सरकार का 35 लाख घरों का लक्ष्य
Slum Free Mumbai: महाराष्ट्र सरकार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का रोडमैप तैयार किया है। 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Slum Free Mumbai News: विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए महायुति सरकार ने मुंबई को पूरी तरह झोपड़पट्टी मुक्त बनाने और राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने का एक ‘महा मिशन’ शुरू किया है।
मुंबई के साथ-साथ सुदूर और दुर्गम इलाकों का संतुलित विकास इस योजना का मुख्य स्तंभ है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल बड़े शहरों का विकास करना नहीं, बल्कि ‘कोस्ट टू फॉरेस्ट’ यानी मुंबई से लेकर गढ़चिरौली के सुरजागड तक विकास की एक नई और अटूट श्रृंखला तैयार करना है।
35 लाख किफायती घर बनाने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे नागरी लोक कल्याण अभियान’ के तहत एक विशेष और आक्रामक मुहिम चला रही है। शहर में नए अतिक्रमणों को पूरी तरह रोकने के लिए अत्याधुनिक ‘नेत्रम’ तकनीक, सैटेलाइट डेटा और जीआईएस मैपिंग की मदद ली जा रही है।
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धारावी पुनर्विकास परियोजना को दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक पुनर्विकास मॉडल के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसमें पात्र और अपात्र दोनों श्रेणी के नागरिकों के लिए स्वतंत्र आवास योजनाएं शामिल हैं। मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में घरों की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने 17 वर्षों के बाद एक दूरगामी आवास नीति लागू की है।
माय होम, माय राइट (मेरा घर-मेरा अधिकार) की संकल्पना के साथ साल 2030 तक आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग के लिए 35 लाख किफायती घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके पारदर्शी संचालन के लिए एआई (एआई) आधारित केंद्रीय डिजिटल हाउसिंग पोर्टल विकसित किया जा रहा है।
एमएमआर में 4 लाख करोड़ के गेम चेंजर प्रोजेक्ट्स
मुंबई को देश का ‘ग्रोथ इंजन’ और वैश्विक फिनटेक कैपिटल बनाने के लिए नीति आयोग के रोड मैप के अनुसार काम चल रहा है, जिससे यहां की जीडीपी को दोगुना किया जा सके। वर्तमान में मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं गति पकड़ चुकी है।
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इनमें अटल सेतु, कोस्टल रोड, बुलेट ट्रेन, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार और वाढवण बंदरगाह जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य 60 मिनट की मुंबई की अवधारणा को पूरा करना है, ताकि नागरिक शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक मात्र एक घंटे में पहुंच सके।
