स्वरोजगार से बेरोजगारी का समाधान, महाराष्ट्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने की तैयारी

Maharashtra Skill Development: महाराष्ट्र सरकार बेरोजगारी से निपटने के लिए कौशल विकास, पीएम सेतु योजना और मुख्यमंत्री महाफंड स्वरोजगार योजना के जरिए युवाओं को स्वरोजगार की ओर बढ़ावा दे रही है।
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Mukhyamantri Mahafund Yojana (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mukhyamantri Mahafund Yojana: बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कुशल मानव संसाधन की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण कुशल युवा तैयार करने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कुर्ला स्थित डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित महाराष्ट्र राज्य कौशल प्रतियोगिता इंडिया स्किल्स 2026 का उद्घाटन करते हुए मंत्री लोढ़ा ने बताया कि ‘पीएम सेतु योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महाफंड स्वरोजगार योजना’ के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

बेरोजगारी के समाधान की दिशा में कदम

मंत्री लोढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गतिशील नेतृत्व में शुरू की जा रही मुख्यमंत्री महाफंड स्वरोजगार योजना बेरोजगारी के समाधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना के तहत राज्यभर में स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक 5 लाख युवाओं का चयन ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। चयनित युवाओं को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें ब्याज का 50 प्रतिशत बोझ सरकार वहन करेगी। इससे लाखों युवा अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

स्वरोजगार की ओर बढ़ावा

कौशल विकास पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल विकास के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए देशभर के आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की पीएम सेतु योजना शुरू की गई है। महाराष्ट्र में पहले चरण में 242 करोड़ रुपये की लागत से छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और नागपुर के आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इससे युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होगा।

विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी

नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) और महाराष्ट्र कौशल विकास सोसाइटी (एमएसएसडीसी) के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में मैकेट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, औद्योगिक तकनीक, साइबर सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा तकनीक जैसे विभिन्न कौशल क्षेत्रों में राज्यभर से सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया।

3 और 4 फरवरी को मुंबई में आयोजित इस प्रतियोगिता के विजेता गुजरात के गांधीनगर में होने वाली राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता में भाग लेंगे। वहां से चयनित प्रतिभागी चीन के शंघाई में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

2029 में भारत में विश्व कौशल प्रतियोगिता की मांग

मंत्री लोढ़ा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारत में अपार सृजनशीलता है और कौशल के किसी भी क्षेत्र में देश अब पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने अगले एक वर्ष में महाराष्ट्र में ओलंपिक की तर्ज पर कौशल प्रतियोगिताएं आयोजित करने तथा 2029 की विश्व कौशल प्रतियोगिता भारत में आयोजित कराने के लिए जोरदार प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र कौशल विकास सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सैनी, अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी आनंद माली, डॉन बॉस्को सेंटर फॉर लर्निंग के निदेशक फादर एंटनी पिंटो, डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य अमर प्रभु तथा सीआईआई के कौशल विकास पैनल के संयोजक बॉबी कुरियाकोस उपस्थित थे।

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