गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बढ़ेगा स्कूलों में नामांकन, मंत्री दादाजी भुसे का बड़ा निर्देश
Dadaji Bhuse: महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और प्रवेशोत्सव के माध्यम से छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Dadaji Bhuse (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Maharashtra Education Department: महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने सरकारी स्कूलों का स्तर सुधार कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्रों की संख्या (नामांकन) बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। मंत्रालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जिला परिषदों के उत्कृष्ट स्कूलों का आदर्श लेकर सभी शासकीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास तेज किए जाएं।
प्रवेशोत्सव के साथ बुनियादी सुविधा पर जोर
मंत्री भुसे ने कहा कि नए की शुरुआत में स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाकर छात्रों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया जाएगा। इसी तरह स्कूल शुरू होने से पहले परिसरों की सफाई, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म और समय पर किताबें देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्कूलों में पीने का पानी, स्वच्छ शौचालय, रंग-रोगन और छात्राओं के लिए ‘पिंक रूम’ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
छात्र विकास और नामांकन वृद्धि
छात्रों में कला, संगीत, अभिनय और वक्तृत्व जैसे गुणों को निखारने के लिए जवाहर बालभवन की तर्ज पर गतिविधियां चलाई जाएंगी। स्कूलों के विकास के लिए पूर्व छात्र संघ और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड की मदद ली जाएगी। इसके अलावा, आंगनबाड़ियों को जिला परिषद स्कूलों के परिसर में शुरू किया जाएगा, जिससे भविष्य में प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे जहरीली शराब कांड के बाद एक्शन में एफडीए, महाराष्ट्र में 970 रासायनिक आपूर्तिकर्ताओं की होगी जांच
सहकारी एग्रीगेटर टैक्सी सेवा के लिए जल्द बनाएं नियमावली, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए निर्देश
श्रमिकों की मांगों पर सरकार सकारात्मक, जुलाई तक बनेंगे कल्याणकारी बोर्ड, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने दिया भरोसा
महाराष्ट्र सरकार के नाम हुई एयर इंडिया इमारत, मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में हुआ हस्तांतरण
ये भी पढ़े: पुणे जहरीली शराब कांड के बाद एक्शन में एफडीए, महाराष्ट्र में 970 रासायनिक आपूर्तिकर्ताओं की होगी जांच
मराठी अनिवार्य
राज्य के सभी माध्यमों और प्रबंधनों के स्कूलों में मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य होगा और इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों में ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों को समय पर भरने और छात्र सुरक्षा योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की बात भी कही गई।
