महाराष्ट्र में नई ग्रामीण पेयजल नीति-2026 को मंजूरी; अगस्त 2027 तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

Mumbai Jal Jeevan Mission 2.0: कम बारिश के बीच महाराष्ट्र कैबिनेट ने 'ग्रामीण पेयजल नीति-2026' को मंजूरी दी। ग्राम पंचायतों में ₹150 से ₹400 तक मासिक जल शुल्क तय, ऐप से होगी डिजिटल निगरानी।
Amid low rainfall, Maharashtra Cabinet approved Rural Drinking Water Policy 2026. Monthly water tax fixed up to ₹400; digital tracking via Nal Jal Seva app.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस , जल योजनाओं (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Rural Water Supply Devendra Fadnavis Cabinet Decision: राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से सरकार के पसीने छूट गए हैं। संकट की आशंका को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026 को मंजूरी दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रशासन को अगस्त 2027 तक राज्य में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।

ग्रामीण पेयजल के लिए निर्धारित नई नीति का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके तहत जल जीवन मिशन 2.0 की योजनाओं के रखरखाव और मरम्मत के लिए व्यापक ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार गांवों की जल आत्मनिर्भरता बढ़ाने, जलस्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जल संरक्षण पर विशेष जोर देगी।

कम बारिश ने बढ़ाई चिंता

मंत्रिमंडल समीक्षा में सामने आया कि 1 जून से 15 जून के बीच महाराष्ट्र में सामान्य 103.8 मिमी के मुकाबले केवल 27.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से काफी कम है। इसी कारण किसानों को फिलहाल जल्दबाजी में बुआई नहीं करने की सलाह दी गई है। सरकार ने मानसून में देरी और जलाशयों में घटते जलस्तर पर भी चिंता जताई।

पाणीपट्टी और रखरखाव पर जोर

ग्रामीण जल योजनाओं के रखरखाव के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष निधि बनाई जाएगी। सरकार ने घरेलू जल उपयोग के लिए न्यूनतम 150 रुपए और अधिकतम 400 रुपए मासिक जल शुल्क तय करने को मंजूरी दी है। वसूली में कमी होने पर 15वें और 16वें वित्त आयोग के फंड का उपयोग भी किया जा सकेगा। इससे योजनाओं को लंबे समय तक सुचारु रूप से संचालित रखने में मदद मिलेगी।

डिजिटल निगरानी और शिकायत निवारण, हेतु कमांड सेंटर

नई नीति के तहत जल योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, जीआईएस आधारित ट्रैकिंग और केंद्रीय कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। त्रिस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली भी बनाई जाएगी, जिसमें 'नल जल सेवा' ऐप और 'नल जल मित्र' की मदद ली जाएगी।

सरकार इन सभी शिकयतों पर त्वरित और संतोषजनक समाधान की दिशा में काम करेगी, जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और सेवाओं को लेकर वह संतुष्ट रहे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों पूरी मुस्तैदी से इस पर अमल करने के निर्देश दिए हैं।