RTO अफसरों की हर हरकत अब होगी रिकॉर्ड, महाराष्ट्र में 600 बॉडी कैमरों से बढ़ेगी पारदर्शिता

Maharashtra RTO कार्यालयों को करीब 12 घंटे रिकॉर्डिंग वाले 600 GPS बॉडी कैमरे मिले हैं। वाहन जांच, लाइसेंस-परमिट कार्रवाई और मराठी परीक्षा की रिकॉर्डिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।
Maharashtra RTO Gets Body Cameras
महाराष्ट्र RTO को बॉडी कैमरे मिले(सोर्स: AI)
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Cameras For Transparent Vehicle Checks: महाराष्ट्र में सड़क परिवहन विभाग की कार्रवाई अब कैमरे की निगरानी में होगी। इन कैमरों के जरिए वाहन चालकों और परिवहन अफसरों के बीच होने वाली कार्रवाई व बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए राज्य भर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को करीब 600 बॉडी कैमरे दिए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को करीब 10 कैमरे मिले हैं। जीपीएस से लैस इन कैमरों में 12 घंटे तक लगातार रिकॉर्डिंग, सीधा प्रसारण और रात में निगरानी जैसी सुविधाएं हैं।

बातचीत में पारदर्शिता

इन कैमरों का इस्तेमाल मोटर वाहन निरीक्षकों द्वारा वाहन निरीक्षण, सड़क किनारे जांच, लाइसेंस और परमिट से संबंधित कार्रवाई व अन्य सरकारी कार्रवाई के दौरान किया जाएगा।

इसका उद्देश्य गतिविधियों का दस्तावेजी रिकॉर्ड तैयार करना और अधिकारियों और वाहन चालकों के बीच होने वाली बातचीत में पारदर्शिता बढ़ाना है। इन कैमरों का इस्तेमाल ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए आयोजित की जा रही मराठी भाषा प्रवीणता परीक्षा की रिकॉर्डिंग के लिए भी किया जा सकेगा।

अफसरों को प्रशिक्षण

अफसरों को मोटर वाहन निरीक्षकों को कैमरों के संचालन, रिकॉर्डिंग, बैटरी बदलने और वीडियो सुरक्षित रखने का प्रशिक्षण दिया गया है। इन कैमरों में उच्च गुणवत्ता वाली रिकॉर्डिंग, स्पर्श-पटल, आगे-पीछे के कैमरे, जीपीएस और सीधे प्रसारण की सुविधा है। एक बार चार्ज करने पर 12 घंटे तक रिकॉर्डिंग संभव है।

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जलरोधी कैमरों से रात में भी होगी रिकॉर्डिंग

महाराष्ट्र के आरटीओ कार्यालयों को दिए गए बॉडी कैमरे आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। ये कैमरे जलरोधी और धूलरोधी होने के कारण बारिश और धूल भरे माहौल में भी सुरक्षित तरीके से काम कर सकते हैं। कैमरों की मजबूती ऐसी है कि करीब दो मीटर की ऊंचाई से गिरने के बावजूद इनके खराब होने की संभावना कम रहती है।

इसके अलावा, इनमें नाइट विजन सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके जरिए अंधेरे में भी करीब 10 मीटर की दूरी तक स्पष्ट रिकॉर्डिंग की जा सकती है। इन सुविधाओं से आरटीओ अधिकारियों को दिन-रात सड़क किनारे वाहन जांच और अन्य कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करने में आसानी होगी।

अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा और अन्य कार्रवाइयों की वीडियो रिकॉर्डिंग होने से निष्पक्ष रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। शिकायत या विवाद की स्थिति में इस रिकॉर्ड के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। एक वरिष्ठ आरटीओ अधिकारी के मुताबिक कैमरों का वितरण हाल ही में किया गया है।

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