

Amravati RTO News: लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मोटर वाहन विभाग (आरटीओ) कर्मचारी संगठन, महाराष्ट्र राज्य ने आखिरकार मंगलवार 16 जून से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। इससे राज्यभर के आरटीओ कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हुआ है और वाहन संबंधी विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे नागरिकों को निराश होकर लौटना पड़ा।इस समय कार्यालय के सामने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ के नारे के साथ आंदोलन तेज किया।
संगठन ने इससे पहले 2 जून को प्रदर्शन तथा 9 जून को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की थी। बावजूद इसके राज्य सरकार और परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
हाल ही में अमरावती दौरे पर आए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को भी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष अनिल मानकर के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर आठ प्रमुख मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की थी। लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने बेमियादी हड़ताल का रास्ता अपनाया। संगठन की प्रमुख मांगों में कार्यालय अधीक्षक पद के सेवा प्रवेश नियमों को मंजूरी, विभिन्न संवर्गों के सेवा नियम तैयार करना, प्रतिनियुक्ति रद्द कर्मचारियों के स्थायी तबादले तथा बदली कानून 2005 का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।
हड़ताल के पहले ही दिन आरटीओ कार्यालयों में सन्नाटा दिखाई दिया। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, परमिट और अन्य सेवाओं के लिए पहुंचे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों की पूर्ति तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश कार्यकारिणी उपाध्यक्ष एवं अमरावती जिलाध्यक्ष अनिल मानकर ने कहा कि जब तक सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राज्य सरकार कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर लगातार समयकाटू भूमिका अपना रही है।