लंबित मांगों पर अड़े आरटीओ कर्मचारी, एक सप्ताह से जारी हड़ताल से करोड़ों के राजस्व का नुकसान
Maharashtra RTO Employees Strike: महाराष्ट्र में आरटीओ कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल एक सप्ताह बाद भी जारी है। वाहन पंजीकरण और लाइसेंस संबंधी सेवाएं प्रभावित हैं। आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra RTO Employees Strike News: लंबित मांगों को आरटीओ कर्मचारियों की अनिश्चितका हड़ताल जारी है। मोटर वाहन विभकर्मचारी संगठन के नेतृत्व में कर्मचारी 16 जून से आंदोलन पर हैं। शनिवार तक भी कोई समाधान नहीं निकलने के कारण संगठन ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।
पिछले एक सप्ताह से जारी इस हड़ताल से परिवहन विभाग के अनेक कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए राज्य के 35 से अधिक सांसदों और विधायकों ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जल्द निकालने की मांग की है।
आरटीओ कार्यालयों का कामकाज प्रभावित
हड़ताल के चलते राज्यभर के आरटीओ कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हुआ है। कर्मचारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिस कारण वाहन पंजीकरण, लाइसेंस संबंधी कार्य और अन्य प्रशासनिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
संगठन का दावा है कि कार्यालयों के ठप रहने से राज्य सरकार को भी करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। संगठन के अनुसार विभागीय आकृतिबंध को मंजूरी मिले साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक सेवा प्रवेश नियम तैयार नहीं किए गए हैं।
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इसके कारण कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं मिल रही है और उन्हें आर्थिक तथा सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। संघ के महासचिव सुरेंद्र सरतापे ने कहा कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो सोमवार से आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा, कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
