

Maharashtra Pump Storage Energy Projects: महाराष्ट्र को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार विभिन्न विकल्पों पर काम कर रही है।
इसी दिशा में सिंचाई विभाग ने पंप स्टोरेज पॉलिसी (पीएसपी) के तहत टाटा पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी और टॉरेंट पावर जैसी अग्रणी निजी कंपनियों के साथ 51 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में 70,325 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 3.82 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश की उम्मीद है। महाराष्ट्र में बिजली की मांग हर साल लगभग पांच से सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।
गर्मियों में यह मांग 26 हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है। बढ़ती मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करने के लिए सरकार अब पारंपरिक बिजली उत्पादन के बजाय 'स्वच्छ ऊर्जा' के भंडारण पर जोर दे रही है।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने 51 नई पंप स्टोरेज परियोजनाओं के लिए समझौते किए है। इनसे 70,325 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें टाटा पावर (12,800 मेगावॉट), जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी (5,200 मेगावॉट) के साथ अदाणी, मेघा इंजीनियरिंग और वेलस्पन जैसी कंपनियां शामिल है, जो करीब 3।82 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करेंगी।
पंप स्टोरेज पॉलिसी के तहत 51 एमओयू किए गए हैं, लेकिन अब तक इनमें से केवल तीन परियोजनाओं की रिपोर्ट को तकनीकी मंजूरी मिली है। 39 कंपनियों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि ये निजी परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हुई, तो निवेश लागत बढ़ सकती है, जिसका असर बिजली दरों में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिल सकता है।।