महाराष्ट्र में PUC बनवाना हुआ महंगा, दोपहिया से डीजल वाहनों तक बढ़ी फीस; जानें नई दरें

Maharashtra PUC Fee Revision: परिवहन विभाग ने महाराष्ट्र में पीयूसी जांच की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। अब दोपहिया, पेट्रोल, सीएनजी और डीजल वाहनों के प्रदूषण परीक्षण के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा।
Getting a PUC certificate in Maharashtra has become costlier; fees hiked for diesel vehicles as well
महाराष्ट्र पीयूसी शुल्क संशोधनसोर्स- सोशल मीडिया
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Maharashtra Vehicle Emission Testing Rate Hike: महाराष्ट्र में वाहन मालिकों को अब प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC (Pollution Under Control) बनवाने के लिए पहले से ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। परिवहन विभाग ने PUC परीक्षण शुल्क में संशोधन करते हुए वाहनों और ईंधन के प्रकार के आधार पर नई दरें निर्धारित की हैं।

दोपहिया वाहनों की फीस 60 रुपये

संशोधित दरों के अनुसार, दोपहिया वाहनों के PUC परीक्षण के लिए अब 60 रुपये देने होंगे। पहले इसके लिए 50 रुपये शुल्क लिया जाता था। यानी दोपहिया वाहनों के शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोल तिपहिया वाहनों के लिए 120 रुपये

पेट्रोल से चलने वाले तिपहिया वाहनों के PUC परीक्षण का शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये कर दिया गया है। वहीं, पेट्रोल, CNG और LPG से चलने वाले वाहनों के लिए नई दर 140 रुपये निर्धारित की गई है। पहले इन वाहनों के लिए 125 रुपये शुल्क था।

डीजल वाहनों का शुल्क 180 रुपये

डीजल वाहनों के PUC परीक्षण शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। अब वाहन मालिकों को इसके लिए 180 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 150 रुपये था। इस तरह डीजल वाहनों के PUC शुल्क में 30 रुपये की वृद्धि हुई है।

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PUC केंद्रों पर नई दरें दिखाना अनिवार्य

परिवहन विभाग ने सभी PUC केंद्रों को संशोधित शुल्क दरों का चार्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र संचालक निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल नहीं कर सकेंगे। विभाग ने शुल्क वसूली में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है।

समिति की सिफारिश के बाद फैसला

महाराष्ट्र राज्य PUC केंद्र स्वामी संघ की ओर से लंबे समय से शुल्क बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने अलग-अलग राज्यों में PUC शुल्क, नियम और परीक्षण प्रक्रिया का अध्ययन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति की सिफारिशों और अदालत के निर्देशों के आधार पर नई दरों को मंजूरी दी गई।

परीक्षण उपकरण और कर्मचारियों का खर्च भी आधार

विभाग ने शुल्क निर्धारित करते समय वाहनों और ईंधन के प्रकार के साथ PUC परीक्षण उपकरणों की लागत तथा कर्मचारियों के पारिश्रमिक को भी ध्यान में रखा है। PUC केंद्र संचालकों का कहना था कि मौजूदा शुल्क में संचालन खर्च पूरा करना मुश्किल हो रहा था।

वाहन चालकों ने जताई नाराजगी

शुल्क बढ़ने से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की चिंता जताई जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि पहले ही ईंधन, टोल, बीमा और वाहन रखरखाव की लागत बढ़ चुकी है। ऐसे में PUC शुल्क में बढ़ोतरी से आम लोगों के खर्च में और इजाफा होगा।

वाहन मालिकों ने सरकार से सड़कों की स्थिति सुधारने और गड्ढों के कारण वाहनों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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