

महाराष्ट्र के सरकारी मान्यता प्राप्त पुस्तकालयों के लिए ₹79.09 करोड़ की मेंटेनेंस ग्रांट मंजूर।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली किस्त जारी करने को सरकार की मंजूरी।
पुस्तकालयों को श्रेणी, पिछले खर्च और तय सीमा के आधार पर मिलेगा अनुदान।
Maharashtra Public Libraries: महाराष्ट्र में सरकारी मान्यता प्राप्त सार्वजनिक पुस्तकालयों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मेंटेनेंस ग्रांट की पहली किस्त वितरित करने को मंजूरी दी है।
इसके तहत कुल 79 करोड़ 9 लाख 42 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल ने यह जानकारी दी।
मंत्री चंद्रकांत पाटिल के अनुसार, सभी पुस्तकालयों को एक समान राशि नहीं दी जाती। अनुदान का निर्धारण संबंधित पुस्तकालय द्वारा पिछले वित्त वर्ष में किए गए खर्च, उसकी स्थिति और श्रेणी को ध्यान में रखकर किया जाता है।
इसके अलावा, प्रत्येक पुस्तकालय के लिए अनुदान की अधिकतम सीमा तय होती है। उसी सीमा के भीतर पात्रता और निर्धारित मानकों के अनुसार राशि दी जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पुस्तकालयों की जरूरतों के अनुरूप वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रांट की राशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए, जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई है। पुस्तकालय निदेशक को यह सुनिश्चित करना होगा कि पिछले वित्त वर्ष में मांगी गई राशि उचित थी और उसके लिए दिए गए कारण सही थे।
साथ ही, अनुदान के खर्च की निगरानी भी जरूरी होगी, ताकि स्वीकृत राशि निर्धारित कार्यों पर ही खर्च हो। इससे सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मेंटेनेंस ग्रांट से सरकारी मान्यता प्राप्त पुस्तकालयों को अपने रखरखाव और निर्धारित जरूरतों को पूरा करने में वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है। पुस्तकालयों को मिलने वाली वास्तविक राशि उनकी श्रेणी, पिछले खर्च और निर्धारित अधिकतम सीमा के आधार पर तय होगी।
सरकार की इस मंजूरी से राज्य के सार्वजनिक पुस्तकालयों को नए वित्त वर्ष में रखरखाव संबंधी खर्चों के लिए सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है।