

महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में सूखा और फसल नुकसान सर्वे जारी।
32,936 गांवों में से 30,608 में पंचनामा पूरा, 79% कृषि क्षेत्र कवर।
1.06 करोड़ से अधिक किसानों का पंचनामा पूरा हुआ।
अमरावती विभाग में 95% सर्वे पूरा, लातूर में भी तेजी।
Maharashtra Drought Crop Damage Panchnama: महाराष्ट्र में सूखे और फसल नुकसान के आकलन के लिए पंचनामा प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य की 265 तहसीलों में ‘ट्रिगर-1’ लागू किया गया है।
इन तहसीलों के कुल 32,936 गांवों में से 30,608 गांवों में पंचनामा पूरा हो चुका है। कृषि विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक कुल कृषि क्षेत्र के लगभग 79 प्रतिशत हिस्से का सर्वे किया गया है।
राज्य के आठ कृषि विभागों में कुल 1 करोड़ 50 लाख 90 हजार 620 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई और रोपाई दर्ज की गई है। इसमें से 1 करोड़ 18 लाख 79 हजार 221 हेक्टेयर क्षेत्र का पंचनामा पूरा हो चुका है।
किसानों के स्तर पर भी सर्वे का काम जारी है। महाराष्ट्र में कुल 1 करोड़ 45 लाख 16 हजार 825 खातेदार किसान हैं। इनमें से 1 करोड़ 6 लाख 67 हजार 434 किसानों का पंचनामा पूरा किया गया है। यह कुल खातेदार किसानों का लगभग 73 प्रतिशत है।
पंचनामा कार्य में अमरावती विभाग ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यहां 56 तहसीलों के 7,435 गांवों में से 7,278 गांवों में पंचनामा पूरा हो चुका है।विभाग में 29 लाख 86 हजार 923 हेक्टेयर क्षेत्र को सर्वे में शामिल किया गया है और 20 लाख 19 हजार 160 किसानों के पंचनामे पूरे किए गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार, यहां लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
अमरावती शहर के बाद लातूर विभाग में भी पंचनामा प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। यहां 46 तहसीलों के 4,355 गांवों में फसल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लातूर विभाग में 26 लाख 8 हजार 563 हेक्टेयर क्षेत्र का पंचनामा पूरा किया गया है।
विभागवार आंकड़ों के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर में 17 लाख 54 हजार 659 हेक्टेयर, पुणे में 17 लाख 5 हजार 406 हेक्टेयर, नाशिक में 13 लाख 91 हजार 608 हेक्टेयर और नागपुर में 10 लाख 76 हजार 612 हेक्टेयर क्षेत्र का पंचनामा पूरा किया गया है। कोल्हापुर में 3 लाख 39 हजार 443 हेक्टेयर और कोंकण में 16,403 हेक्टेयर क्षेत्र का सर्वे पूरा हुआ है।
पंचनामा प्रक्रिया पूरी होने के बाद फसल नुकसान की स्थिति स्पष्ट होने और प्रभावित किसानों के लिए राहत संबंधी फैसलों में मदद मिलने की उम्मीद है।