महाराष्ट्र में प्रोफेशन टैक्स खत्म करने की मांग तेज, एफएएम ने सरकार को लिखा पत्र
Federation Of Association Of Maharashtra ने राज्य सरकार से प्रोफेशन टैक्स खत्म करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त कर से रोजगार सृजन प्रभावित हो रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रोफेशनल टैक्स (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Profession Tax Abolition Demand: महाराष्ट्र में व्यवसाय कर को लेकर व्यापारिक संगठनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर प्रोफेशन टैक्स को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि यह अतिरिक्त कर व्यापारियों और कर्मचारियों दोनों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, जिससे व्यवसाय और रोजगार प्रभावित हो रहे हैं।
कर्मचारियों और व्यापारियों पर असर
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार राज्य में पुरुष कर्मचारियों के 7,500 रुपये मासिक वेतन पर 175 रुपये व्यवसाय कर काटा जाता है, जबकि महिला कर्मचारियों के लिए 25,000 रुपये की वेतन सीमा निर्धारित है। इसके अलावा स्वामित्व और भागीदारी फर्मों के साथ प्रत्येक भागीदार को भी अलग से यह कर देना पड़ता है। व्यापारिक संगठनों का तर्क है कि रोजगार देने वाले उद्यमियों पर अतिरिक्त कर लगाना आर्थिक गतिविधियों को कमजोर करता है।
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सरकार से बजट में निर्णय की मांग
एफएएम अध्यक्ष जितेंद्र शाह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आगामी बजट में व्यवसाय कर समाप्त करने की घोषणा करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। संगठन का मानना है कि कर समाप्त होने से छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत मिलेगी।
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पहले भी हुई थी चर्चा
15 मई 2025 को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में भी व्यवसाय कर समाप्त करने पर चर्चा की गई थी। उस बैठक में वित्त विभाग के अधिकारियों ने सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। व्यापारिक संगठनों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाएगी और व्यापार जगत को राहत प्रदान करेगी।
