Mangal Prabhat Lodha (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Private Skill Universities Bill: राज्य में कौशल विकास और रोजगार सृजन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र विधानसभा में ‘निजी कौशल विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक’ को साक्षरता से पारित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत लातूर और पुणे में दो नए कौशल पाठ्यक्रमों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन विश्वविद्यालयों के शुरू होने से न केवल कुशल मानव संसाधन तैयार होगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बड़े अवसर प्राप्त होंगे।
कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की कि इन पाठ्यक्रमों में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए 60 प्रतिशत सीटें स्थानीय विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की स्किल इंडिया मिशन योजना की तर्ज पर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में ‘कौशलयुक्त महाराष्ट्र’ का निर्माण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार ने स्व-वित्तपोषित आधार पर दो प्रमुख पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी है। इनमें फीनिक्स फाउंडेशन द्वारा संचालित पाशा स्किल टेक यूनिवर्सिटी (लातूर) और फ्रेंड्स यूनियन फॉर एनर्जाइजिंग लाइव्स (FUEL) संस्था द्वारा संचालित फ्यूल स्किल टेक एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (पुणे) शामिल हैं। इन कक्षाओं में पारंपरिक शिक्षा से अलग भविष्य की पीढ़ियों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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पुणे स्थित विश्वविद्यालय में बैंकिंग, फाइनेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में डिग्री और पद्धति पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। वहीं लातूर स्थित विश्वविद्यालय में मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, वन्यजीव संरक्षण और बांस उत्पादन जैसे हरित कौशल पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल विज्ञापन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, “इन कक्षाओं के माध्यम से सरकार पर बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के छात्रों को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पटने में मदद मिलेगी।”