महाराष्ट्र में ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से बढ़ी सियासी हलचल, ठाकरे और शिंदे गुट के नेताओं की मुलाकात
Shiv Sena Faction Meeting Update: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘डिनर डिप्लोमेसी’ ने नई हलचल पैदा कर दी है। ठाकरे और शिंदे गुट के नेताओं की मुलाकात से ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं को और बल मिला है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नागेश आष्टीकर (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Political Dinner Diplomacy News: महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित बड़े बदलावों की चर्चाओं के बीच कुछ घटनाओं ने खासा ध्यान खींचा है। कुछ दिन पहले ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे भाजपा नेता मोहित कंबोज की बेटी के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए थे।
वहीं अब दिल्ली में भी शिंदे गुट के एक सांसद के घर ठाकरे गुट के सांसदों की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शिवसेना (शिंदे गुट) के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा आयोजित ‘डिनर डिप्लोमेसी’ में शिवसेना (ठाकरे गुट) के 2 वरिष्ठ सांसदों की उपस्थिति से अटकलों को और हवा मिल गई है।
महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर‘ की चर्चाओं के बीच यह मुलाकात खास मायने रखती है। ठाकरे गुट के नांदेड़ से सांसद नागेश आष्टीकर और यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख इस डिनर में शामिल हुए। राज्य में जारी सत्ता संघर्ष और दोनों गुटों के बीच तीखे मतभेदों के बावजूद इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
थर्मल पावर प्लांट की चुनौतियों की समीक्षा, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने दिए सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि से मिली राहत, 100 वर्षीय महिला की समय पर हुई सर्जरी
पीएम को नहीं, पाक आर्मी चीफ को भेजें पत्र; भारत-पाकिस्तान के प्रबुद्ध जीवों के खुले खत पर भड़के कृष्णा हेगड़े
सात-बारा न होने पर भी महिलाएं कहलाएंगी ‘किसान’; महाराष्ट्र सरकार लाई देश का पहला ऐतिहासिक कानून
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा को मिला बल
हालांकि आष्टीकर ने इसे महज शिष्टाचार भेंट बताया है लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे ‘डिनर डिप्लोमेसी’ के तौर पर देखा जा रहा है। पहले से चल रही ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच इस मुलाकात ने नई बहस छेड़ दी है।
ये भी पढ़ें :- महाराष्ट्र में ढोंगी बाबाओं का जाल, 1500 से ज्यादा मामलों में महिलाओं का शोषण
आष्टीकर ने राजनीतिक अटकलों को किया खारिज
मीडिया से बात करते हुए नागेश आष्टीकर ने सभी राजनीतिक अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतापराव जाधव की शादी की सालगिरह थी। उन्होंने हमें सदन में निमंत्रण दिया था, इसलिए हम सिर्फ शुभकामनाएं देने उनके घर गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 5-10 मिनट की मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। हम एक ही सदन के सदस्य हैं और सुख-दुख में मिलना महाराष्ट्र की परंपरा है।
