मंत्री चंद्रकांत पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Scholarship Pending Applications Update: महाराष्ट्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हजारों छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने विधान परिषद में स्वीकार किया है कि वर्तमान में 93,000 से अधिक छात्रवृत्ति आवेदन सत्यापन (Verification) के लिए लंबित हैं। यह मुद्दा शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे और अन्य विधायकों द्वारा उठाए जाने के बाद चर्चा में आया।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि स्कॉलरशिप मिलने में देरी का दोष सिर्फ सिस्टम का नहीं है। मंत्री के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया रुकने के पीछे मुख्य रूप से छात्रों की तीन गलतियाँ सामने आई हैं।
सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, ‘महाडीबीटी’ पोर्टल पर 27 फरवरी तक 93,326 आवेदन वेरिफिकेशन के लिए पेंडिंग थे। हालांकि, दिसंबर 2025 तक यह संख्या 1.42 लाख से अधिक थी। विभाग द्वारा जांच में तेजी लाने के निर्देश देने के बाद लगभग 49,057 आवेदनों का निपटारा किया गया है।
मंत्री ने बताया कि 2021-22 से 2025-26 के बीच कुल 9,68,597 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 7,80,495 छात्रों की छात्रवृत्ति स्वीकृत की जा चुकी है। अब तक लाभार्थियों को कुल 708.41 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।
विपक्ष ने चिंता जताई थी कि स्कॉलरशिप न मिलने के कारण वित्तीय तंगी की वजह से छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ सकते हैं। हालांकि, चंद्रकांत पाटिल ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि विभाग के पास अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है जहाँ किसी छात्र ने केवल छात्रवृत्ति के अभाव में अपनी शिक्षा छोड़ दी हो।
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वर्तमान में राज्य सरकार महाडीबीटी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कुल 14 विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं लागू कर रही है। सरकार ने विभागीय संयुक्त निदेशकों को निर्देश दिया है कि शेष आवेदनों की जांच प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए ताकि पात्र छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।