Mumbai OBC Quota Supreme Court Hearing( सोर्स: सोशल मीडिया )
Mumbai OBC Quota Supreme Court Hearing: मुंबई महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई की वजह से बाकी लंबित जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव फिर टल गए। सोमवार को शीर्ष अदालत ने कहा कि 50% से ज्यादा ओबीसी आरक्षण मामले पर बिना फैसले के अब चुनाव नहीं होंगे।
इस वजह से महाराष्ट्र में 22 जिला परिषदों और पंचायत समिति के चुनाव लटक गए, शीर्ष अदालत ने कहा कि इस विवाद पर विस्तृत बहस जरूरी है, ताकि भविष्य में इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके।
बार-बार चुनाव की अनुमति देकर अब इसे पेंडिंग नहीं रखा जा सकता है। राहुल रमेश वाघ बनाम केंद्र और राज्य सरकार याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बंटिया कमेटी से पहले की स्थिति के अनुसार चुनाव कराने का निर्देश दिया था लेकिन यह देखा गया कि राज्य चुनाव आयोग ने आरक्षण तय करते समय 50 प्रतिशत की सीमा पार कर ली थी।
राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ओबीसी पर अंतिम फैसला आने से पहले इसी तर्ज पर बाकी के निकाय चुनाव को कराने की अनुमति मांगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी परमिशन नहीं दी जा सकती।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत ने कहा कि जहां अंतरिम निर्देशों का पर्याप्त पालन हो चुका है, वहां 50% से अधिक आरक्षण की वैधता के मुद्दे को अंतिम रूप से तय किया जाना चाहिए क्योंकि यह विवाद चुनावों में बार-बार उठता है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपने-अपने तकों का संक्षिप्त नोट दाखिल करने और मौखिक दलीलों के लिए आवश्यक समय बताने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह जल्द ही ओबीसी के लिए पॉलिटिकल रिजर्वेशन के मुद्दे पर फाइनल हियरिंग शुरू करेगा। कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी वकीलों को फाइनल हियरिंग के लिए जरूरी तैयारी और डॉक्यूमेंट्स पूरे करने का निर्देश दिया।
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वर्तमान में महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष 22 जिला परिषदों और उनके अंतर्गत आने वाली पंचायत समितियों के चुनाब रुके हुए हैं।