Vote Appeal: मतदान को कर्तव्य बताया, कैट ने कर्मचारियों को अवकाश देने की अपील की
Maharashtra News: 15 जनवरी को होने वाले महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों को लेकर कैट ने व्यापारियों से शत-प्रतिशत मतदान की अपील की है। संगठन ने मतदान को अधिकार नहीं बल्कि लोकतांत्रिक कर्तव्य बताया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कैट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को एक साथ बड़ा चुनावी आयोजन होने जा रहा है। मुंबई, ठाणे सहित राज्य के कुल 29 नगर निगमों के लिए मतदान होगा। इन चुनावों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है।
व्यापार महासंघ कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने राज्य के सभी व्यापारियों से शत-प्रतिशत मतदान करने की अपील की है। कैट के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने कहा कि 2017 के बाद इतने लंबे अंतराल पर नगर निगम चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में व्यापारियों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
‘पहले मतदान फिर जलपान’ का संदेश क्यों दिया गया?
शंकर ठक्कर ने व्यापारियों से आग्रह किया कि 15 जनवरी को सुबह उठकर पहले स्वयं और परिवार के साथ मतदान करें और फिर दिनचर्या शुरू करें। उन्होंने इसे ‘पहले मतदान और फिर जलपान’ का सूत्र बताया, ताकि मतदान को प्राथमिकता दी जा सके।
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व्यापारियों से और क्या अपेक्षा जताई गई?
कैट ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों को मतदान के लिए अवकाश दें। साथ ही यदि संभव हो, तो मतदान कर चुके ग्राहकों के लिए विशेष छूट की घोषणा करें, जिससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हो सके।
मतदान को केवल अधिकार नहीं, कर्तव्य क्यों बताया गया?
ठक्कर ने कहा कि “मैंने वोट नहीं दिया तो क्या होगा?” जैसी सोच लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। यदि नागरिक मतदान नहीं करते, तो अगले पांच वर्षों तक प्रशासन पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार भी कमजोर हो जाता है।
मकर संक्रांति की छुट्टियों को लेकर क्या संदेश दिया गया?
कैट ने लोगों से अपील की कि छुट्टियों में बाहर घूमने जाने के बजाय मतदान को प्राथमिकता दें और अपने रिश्तेदारों, परिचितों, ग्राहकों और पड़ोसियों को भी वोट डालने के लिए प्रेरित करें।
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अधिक मतदान से लोकतंत्र को क्या लाभ होगा?
संगठन का मानना है कि अधिक मतदान से योग्य प्रतिनिधि चुने जाएंगे और नगर निगमों का प्रशासन अधिक जवाबदेह बनेगा, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा।
