
मंत्री चंद्रकांत पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrakant Patil Statement: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। मतदान से ठीक पहले भाजपा के दिग्गज नेता और मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए भविष्यवाणी की है कि पश्चिमी महाराष्ट्र सहित पूरे राज्य में विपक्षी गठबंधन का सूपड़ा साफ हो जाएगा और महायुति को प्रचंड बहुमत मिलेगा।
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनावों के लिए सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने एक इंटरव्यू में भरोसा जताया कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन (भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी) राज्य के सभी 29 नगर निगमों में मेयर पद पर कब्जा करेगा। उन्होंने मुंबई जैसे शहरों में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे क्षेत्रीय और भाषाई मुद्दों को पूरी तरह से बेअसर करार दिया है। पाटिल का दावा है कि मराठी और गैर-मराठी दोनों ही वर्गों के मतदाता विकास के नाम पर गठबंधन को भरपूर समर्थन दे रहे हैं।
पश्चिमी महाराष्ट्र के चुनावी समीकरणों पर चर्चा करते हुए पाटिल ने कहा कि पुणे नगर निगम (PMC) में भाजपा की स्थिति बेहद मजबूत है। उन्होंने भाजपा के आंतरिक सर्वे और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की वार्ड-स्तरीय समीक्षा का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी पुणे में 165 में से 115 से अधिक सीटें जीतने के प्रति आश्वस्त है। हालांकि, पुणे में सीट बंटवारे पर सहमति न बनने के कारण भाजपा शिवसेना के बजाय रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के साथ चुनाव लड़ रही है। वहीं, पिंपरी-चिंचवड़ में पार्टी को 128 में से 80 से 85 सीटें मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें:- ‘डूबती नाव बचाने साथ आए ठाकरे बंधु’, BJP नेता कपिल मिश्रा का हमला, बोले- ये हार की हताशा की आवाज
कोल्हापुर में महायुति के बीच ‘परफेक्ट गठबंधन’ की बात करते हुए पाटिल ने कहा कि वहां भाजपा, शिवसेना और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और 81 में से लगभग 65 सीटों पर जीत हासिल करेंगे। सांगली के मैदान में एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बावजूद, पाटिल को भरोसा है कि भाजपा और उसके साथी 78 में से कम से कम 45 सीटें जीतकर अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार करेंगे। हालांकि, सांगली में शिवसेना इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसके अलावा, इचलकरंजी नगर निकाय की 65 सीटों में से भाजपा को 55 सीटें मिलने की प्रबल संभावना जताई गई है।
पाटिल ने विपक्षी खेमे को ‘बिखरा हुआ’ बताया और कहा कि सोलापुर जैसे जिलों में अंदरूनी मतभेदों के बावजूद पार्टी की ताकत बढ़ी है और कोई भी नेता पार्टी के खिलाफ काम नहीं कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 15 जनवरी के चुनावों में विपक्ष का कोई खास असर नहीं दिखेगा। चंद्रकांत पाटिल का यह आत्मविश्वास दर्शाता है कि महायुति 2017 के अपने प्रदर्शन को दोहराते हुए महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।






