महाराष्ट्र एसटी पर डीजल महंगाई की मार, सालाना 124 करोड़ का बढ़ेगा बोझ; वैट राहत नहीं मिली तो गहराएगा संकट
Maharashtra Diesel Price Hike: डीजल की कीमतों में 3.11 प्रति लीटर की बढ़ोतरी से महाराष्ट्र एसटी महामंडल पर 124 करोड़ का सालाना बोझ बढ़ेगा। कर्मचारी कांग्रेस ने वैट में राहत देने की मांग की है।
- Written By: रूपम सिंह
डीजल महंगा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra Diesel Price Hike MSRTC Accumulated Loss: राज्य परिवहन महामंडल के डीजल खरीद दर में प्रति लीटर 3.11 रुपए यानी औसतन 3 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इससे महामंडल पर सालाना करीब 124 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। राजस्थान सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार ने भी एसटी को वैट में छूट नहीं दी, तो एसटी को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। इस तरह की चेतावनी महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने दी है। एसटी महामंडल को प्रतिदिन औसतन 10.87 लाख लीटर डीजल की आवश्यकता होती है।
ऐसे में ईंधन पर सालाना लगभग 3,400 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। महाराष्ट्र में वैट 21 प्रतिशत है, जबकि गुजरात में यह 14.9 प्रतिशत है। इसी वजह से महामंडल के हित में गुजरात से डीजल खरीदने का निर्णय परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया था। इसके बाद सरकार ने इस फाइल को मंजूरी भी दे दी है, जिसके तहत 251 में से 94 पंपों पर कम दर में डीजल उपलब्ध होगा।
हालांकि, देशभर में कीमतें बढ़ने के कारण वहां भी दर बढ़ेंगे, लेकिन महाराष्ट्र की तुलना में कम रहेंगे। बाकी 157 डीजल पंपों से एसटी को सालाना 20 करोड़ लीटर डीजल की जरूरत पड़ती है। फिलहाल एसटी को औसतन 88 रुपए प्रति लीटर की दर से डीजल खरीदना पड़ता है। अब तीन रुपए की वृद्धि के बाद यह दर 91 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में सड़क हादसों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लिए सरकार का मेगा प्लान
आजाद हिंद एक्सप्रेस से भाग रहा था आरोपी, नागपुर में ATS ने दबोचा बम कांड का मास्टरमाइंड
युद्ध का असर जेब पर, नागपुर में महंगाई का नया झटका, ईंधन और जरूरी सामान के बढ़े दाम; आम आदमी पर बढ़ा बोझ
धुले में सनसनीखेज हत्याकांड, पत्नी के सामने किए अपमान से बौखलाया बेटा; माता-पिता को मूसल से मारा, मौत
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सड़क हादसों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 2030 तक दुर्घटनाएं 50% कम करने के लिए सरकार का मेगा प्लान
एसटी के लिए खतरे की घंटी
श्रीरंग बरगे ने कहा कहा कि राजस्थान में वैट 18.5 प्रतिशत होने के बावजूद वहां की एसटी को 14 प्रतिशत की दर से डीजल उपलब्ध कराया जाता है। उसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार को भी एसटी के लिए कर में राहत देनी चाहिए। ऐसा न होने पर 12,000 करोड़ रुपए के संचित घाटे और 5,000 करोड़ रुपए की लंबित वैधानिक देनदारियों से जूझ रही एसटी के लिए यह स्थिति खतरे की घंटी साबित होगी।
