मनरेगा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
MGNREGA Fund Crisis In Maharashtra: महाराष्ट्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) वर्तमान में गंभीर संकट से गुजर रही है।
केंद्र सरकार से समय पर फंड न मिलने के कारण राज्य में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं, जिसका सीधा असर गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ा है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि राज्य में ‘रोगायो’ (रोजगार गारंटी योजना) की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने बताया कि फंड की कमी के कारण महाराष्ट्र में लगभग 3 लाख 12 हजार काम बंद पड़ चुके हैं।
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वडेट्टीवार ने कहा, रकेंद्र सरकार राज्य को पैसा नहीं दे रही है और राज्य सरकार अपनी तिजोरी से खर्च करने को तैयार नहीं है, इस खींचतान में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और किसान परिवार पिस रहे हैं। वडेट्टीवार के अनुसार, गडचिरोली और चंद्रपुर सहित पूरे राज्य में मजदूरों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अकेले नागपुर संभाग में 992 करोड़ रुपए का फंड बकाया है। उन्होंने मांग की कि यदि केंद्र से सहायता मिलने में देरी हो रही है, तो राज्य सरकार को तुरंत अपने कोष से धन आवंटित कर काम शुरू करवाना चाहिए।