सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मॉडल जारी, मरीजों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ: सरकार
Maharashtra Government ने स्पष्ट किया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रेडियोलॉजी सेवाएं पीपीपी मॉडल पर जारी रहेंगी और मरीजों से सरकारी दर ही ली जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
माधुरी मिसाल (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Medical PPP Model: राज्य सरकार ने साफ किया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रेडियोलॉजी विभाग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत संचालित होते रहेंगे।
राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि इस योजना से मरीजों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ रहा है। 23 नवंबर 2021 से पीपीपी आधार पर एमआरआई, सीटी स्कैन और पीईटी स्कैन की सुविधा शुरू की गई है। इसके लिए 10 वर्षीय अनुबंध किया गया है।
मुंबई की 11 व नागपुर की 8 संस्थाएं कर रही कार्य
मरीजों को सरकारी दर पर ही सेवा मिलती है और यदि निजी प्रदाता का दर अधिक हो, तो अंतर सरकार वहन करती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मुंबई की 11 और नागपुर की 8 संस्थाओं सहित कुल 19 संस्थाएं इस मॉडल के तहत बेहतर तरीके से कार्यरत हैं।
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10 वर्षों के करार के बाद सभी मशीनरी अच्छी स्थिति में सरकार को हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस मॉडल से सरकार को महंगी मशीनें खरीदने की जरूरत नहीं। रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी निजी भागीदारों की होती है। मुंबई की 11 और नागपुर की 8 संस्थाएं इस योजना के तहत बेहतरीन कार्य कर रही हैं।
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लग्जरी कार जीतना पड़ा महंगा, अधिकारी निलंबित
मुंबई, गोंदिया में तैनात प्रशिक्षु सहायक धर्मादाय आयुक्त दिशा केशवराव पजई को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा एक जौहरी की लकी ड्रॉ में लग्जरी कार एक्सयूवी 700 जीतने के बाद की गई है। सरकार का कहना है कि यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए इस तरह के उपहार या लॉटरी की राशि स्वीकार करना नैतिकता के खिलाफ है।
