मुंबई के ‘पे एंड यूज’ शौचालयों पर बीएमसी सख्त, 90 दिनों में सुधार नहीं तो रद्द होगा ठेका
BMC Pay And Use Toilets Cleanliness: सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति पर बीएमसी ने सख्ती दिखाई है। ‘पे एंड यूज’ शौचालय संचालकों को 90 दिनों के भीतर स्वच्छता में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
BMC पब्लिक टॉयलेट अपग्रेड (सौ. सोशल मीडिया )
BMC Pay And Use Toilets Cleanliness Upgrade: मुंबई में सार्वजनिक शौचालयों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बीएमसी ने सख्त रुख अपनाया है। मनपा में सभागृह नेता गणेश खणकर की अध्यक्षता हुई बैठक में ‘पे एंड यूज’ शौचालयों का संचालन करने वाली संस्थाओं को 90 दिनों के भीतर स्वच्छता, रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी के साथ ही सभी शौचालयों में फीडबैक सिस्टम और आईओटी आधारित दुर्गंध निगरानी व्यवस्था अनिवार्य की गई है। मनपा की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में मानक पूरे नहीं करने वाले संचालकों के ठेका रद्द किए जा सकते हैं।
बता दें कि केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की स्वच्छ, सुरक्षित और नागरिक केंद्रित सार्वजनिक शौचालयों की संकल्पना के अनुरूप उत्तर मुंबई क्षेत्र में ‘पे एंड यूज’ सार्वजनिक शौचालयों का संचालन करने वाली संस्थाओं की समीक्षा बैठक शनिवार को परिमंडल-7 कार्यालय में आयोजित की गई थी।
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रखरखाव में सुधार जरूरी
मनपा में सभागृह नेता गणेश खणकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उपायुक्त घनकचरा प्रबंधन किरण दिघावकर, परिमंडल सात के उपायुक्त मनीष, नगरसेवक सिद्धांत शर्मा, आर दक्षिण की सहायक आयुक्त आरती गोलेकर, आर मध्य के सहायक आयुक्त प्रफुल्ल तांबे, घनकचरा प्रबंधन व अनुरक्षण विभाग के अधिकारी और विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों का संचालन करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में यह पाया गया कि कई सार्वजनिक शौचालयों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता और रखरखाव के स्तर में सुधार की आवश्यकता है। इस संबंध में सभागृह नेता गणेश खणकर ने कहा कि ऐसे शौचालयों में तत्काल सुधार कार्य किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
सभी शौचालय संचालकों को सुधार तय करने दिए निर्देश
सभी शौचालय संचालकों को आगामी तीन महीनों के भीतर टूटे हुए कमोड, फिटिंग्स व अन्य सामग्री बदलने, क्षतिग्रस्त दरवाजों, खिड़कियों की मरम्मत करने, खराब टाइल्स व कलैडिंग को दुरुस्त करने, रंग-रोगन व सौंदर्गीकरण करने और स्वच्छता व रखरखाव के मानकों में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
इसके अतिरिक्त सभी सार्वजनिक शौचालयों में नागरिक फीडबैक प्रणाली लागू करना, प्रति घंटे सफाई का रिकॉर्ड रखना, सप्ताह में कम से कम एक बार विशेष गहन सफाई अभियान चलाना और दुर्गंध नियंत्रण के लिए ‘गंधवेच’ नामक आईओटी आधारित दुर्गंध निगरानी प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य किया गया है।
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तो की जाएगी वैकल्पिक व्यवस्था
बैठक में संबंधित विभागों के सहायक आयुक्तों को सभी संस्थाओं को नोटिस जारी कर सुधार कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि तीन माह की निर्धारित अवधि में अपेक्षित सुधार नहीं करने वाली संस्थाओं के अनुबंध निलंबित अथवा रद्द किए जा सकते हैं तथा उनके स्थान पर वैकल्पिक संस्थाओं की नियुक्ति की जाएगी।
