ठाणे मनपा में करोड़ों की ठगी का आरोप, फर्जी कंपनी बनाकर सीवेज ठेके का बिल वसूला

Thane Municipal Corporation में सीवेज उपचार केंद्र के ठेके से जुड़े करोड़ों रुपये के बिल फर्जी कंपनी के नाम पर वसूलने का मामला सामने आया है। भाजपा नगरसेवक ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की।
Thane 2800 Crore TDR Controversy
ठाणे मनपा (pic credit; social media) फाइल फोटो
Published on: 
Updated on: 

Thane Fake Company Sewage Bill Case: ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में सीवेज उपचार और प्रसंस्करण केंद्र का ठेका लेने वाली कंपनी के नाम पर एक फर्जी कंपनी बना कर मनपा से करोड़ों रुपए का बिल वसूलने का मामला सामने आया है।

इस मामले में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। भाजपा नगरसेवक मनोहर डुंबरे ने मनपा आयुक्त सौरभ राव को पत्र लिख कर इस मामले जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मनपा आयुक्त को लिखे गए पत्र के मुताबिक धोखाधड़ी करने वाले ठेकेदार को 6 सीवेज पंपिंग सेंटर का काम देने की प्रक्रिया चल रही है।

अभियंता की मिलीभगत से बनाई फर्जी कंपनी

कंपनी के मालिक अशोक केदासे है। उनका पता सप्तगिरी अपार्टमेंट, जे। एन 3/9/5, सेक्टर 9, वाशी, नवी मुंबई है। इस कंपनी के अनुभव पर ठेका दिया गया था। भाजपा नगरसेवक मनोहर डुंबरे के मुताबिक पहले बिल का भुगतान इसी कंपनी के बैंक खाते में किया गया था।

कुछ महीने बाद उपनगर अभियंता (यांत्रिकी) की मिलीभगत से ठेकेदार ने एम। ए। के। इलेक्ट्रिकल एंड ववर्स नाम से एक और कंपनी बनाई और टेंडर पीरियड पूरा होने तक फर्जी कंपनी के नाम पर खुद बिल लिए। इस कंपनी का जीएसटी नंबर एवं पैन नंबर भी अलग था।

साथ ही बैंक अकाउंट भी अलग था। ठाणे मनपा ने सीवेज उपचार केंद्रों और कोविड अस्पताल के सीवेज उपचार केंद्रों के संचालन, देखभाल, रखरखाव और मरम्मत का ठेका मे। ए के इलेवट्रिकल एंड ववर्स को दिया गया था।

Navbharat Live
navbharatlive.com