मराठी सिखाएंगे, जबरदस्ती नहीं करेंगे, ऑटो-टॅक्सी चालकों के लिए भाषा नियम पर CM Devendra Fadnavis का सॉफ्ट रुख
Maharashtra Taxi Rickshaw News: महाराष्ट्र में टैक्सी-ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य होगी। CM Devendra Fadnavis ने कहा कि हम किसी पर जबरदस्ती नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें मराठी सिखाएंगे।
- Written By: गोरक्ष पोफली
CM देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Marathi Language Mandatory: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘मराठी अस्मिता’ और भाषा का मुद्दा गरमा गया है। राज्य के परिवहन विभाग ने टैक्सी और रिक्षा चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य करने का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। इस गरमाते विवाद के बीच राज्य के CM Devendra Fadnavis ने सरकार की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि भाषा के नाम पर किसी के साथ हिंसा या जबरदस्ती नहीं की जाएगी, बल्कि सरकार चालकों को मराठी सीखने में मदद करेगी।
परिवहन नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने मोटर वाहन नियमों के नियम 4, 78 और 85 में संशोधन का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है। इस नए प्रस्ताव के अनुसार:
- सार्वजनिक वाहनों (टैक्सी, ऑटो-रिक्शा) और मीटर वाली कैब के लाइसेंस के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य होगा।
- पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण (Renewal) के समय भी चालकों की मराठी भाषा की जांच की जाएगी।
- यदि कोई चालक मराठी में संवाद करने में असमर्थ पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
यह मुद्दा तब उठा जब भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने शिकायत की थी कि कई बाहरी और विदेशी नागरिकों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस हासिल कर लिए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Nagpur: बेसा रोड बना जाम का जाल, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई; अव्यवस्था पर उठे सवाल लोग परेशान
नागपुर बोर्ड की कार्यप्रणाली कटघरे में, RTI पर विवाद; पेपर लीक के बाद पारदर्शिता पर सवाल
खाकी की सुस्ती, कातिलों की मस्ती, 90 दिन में नहीं फाइल हुई चार्जशीट, हत्याकांड के 4 आरोपी डिफॉल्ट बेल पर रिहा
नागपुर में दलबदल पर सियासत तेज, AAP से ‘मोहभंग’ के बाद भाजपा में आए नेता, सीएम फडणवीस ने किया स्वागत
जबरदस्ती नहीं, हम प्रशिक्षण देंगे: फडणवीस
इस संवेदनशील मुद्दे पर CM Devendra Fadnavis ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य भाषा का प्रचार करना है, न कि विवाद पैदा करना। उन्होंने कहा कि “मुंबई हो या पूरा महाराष्ट्र, मराठी को प्राथमिकता देना हमारा कर्तव्य है। लेकिन हमारी सरकार यह मानती है कि किसी पर भी भाषा थोपकर हिंसा करना गलत है। जिन चालकों को मराठी नहीं आती, उन्हें हम मराठी भाषा सिखाएंगे। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसी पर अन्याय न हो।”
🕘 9.10pm | 24-4-2026📍Nagpur. LIVE | Media Interaction#Maharashtra #Nagpur https://t.co/JwpL90m4aZ — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) April 24, 2026
भ्रष्टाचार विरोधी बुर्का पहनती है पार्टी
इसी दौरान, जब CM Devendra Fadnavis से आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसदों और नेताओं के भाजपा में शामिल होने की खबरों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अरविंद केजरीवाल की पार्टी पर तीखा प्रहार किया। राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के संदर्भ में उन्होंने कहा “आम आदमी पार्टी ने हमेशा खुद को भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का बुर्का पहनकर रखा, असल में वे केवल सत्ता की राजनीति कर रहे थे। अब उनका असली चेहरा सामने आ रहा है और उनके अपने ही लोग इस दिखावे से ऊब चुके हैं।
यह भी पढ़ें: नागपुर में दलबदल पर सियासत तेज, AAP से ‘मोहभंग’ के बाद भाजपा में आए नेता, सीएम फडणवीस ने किया स्वागत
सरकार ‘मराठी’ के मुद्दे पर अडिग
एक तरफ जहां राज्य सरकार मराठी भाषा को प्रशासन और जन-सेवा में अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस ने इसे एक समावेशी मोड़ देने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार ‘मराठी’ के मुद्दे पर अडिग है, लेकिन वह इसे लोकतांत्रिक और सहयोगात्मक तरीके से लागू करेगी। दूसरी ओर, ‘आप’ पर उनके हमले ने राज्य में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां और तेज कर दी हैं।
