

Raghav Chadha AAP MPs join BJP: राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला किया है। शुक्रवार को राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। इसके बाद वे संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ बीजेपी दफ्तर पहुंचे और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। हालांकि, जिन सात सांसदों के बीजेपी में विलय की बात कही गई, उनमें से चार उस समय मौजूद नहीं थे।
राघव चड्ढा का कहना है कि पार्टी के दो-तिहाई सांसद इस कदम में उनके साथ हैं, लेकिन अभी तक वे आधिकारिक तौर पर बीजेपी का हिस्सा नहीं बने हैं। इसकी वजह एक तकनीकी अड़चन बताई जा रही है।
दरअसल, इन सांसदों को बीजेपी में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए राज्यसभा के सभापति की मंजूरी जरूरी है। जब तक यह स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक उनकी सदस्यता का विलय आधिकारिक नहीं माना जाएगा।
नितिन नबीन से मुलाकात के बाद सांसदों ने मीडिया से बात नहीं की। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने बताया कि उन्होंने और अन्य सांसदों ने हस्ताक्षरित पत्र राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज वे खुद जाकर जमा कर आए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी राघव चड्ढा ने लिखा कि संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बीजेपी में विलय का निर्णय लिया है और सात सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।
सात में से केवल तीन सांसद ही मीडिया के सामने आए और बीजेपी मुख्यालय पहुंचे। बाकी चार सांसदों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार:
राघव चड्ढा ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने वर्षों तक मेहनत से खड़ा किया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देशहित के बजाय निजी हितों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगने लगा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं, इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला लिया।