Maharashtra Mantralaya Rules: भीड़ और सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फैसला, मंत्रालय में नए कड़े नियम लागू

Maharashtra Mantralaya में भीड़ नियंत्रण और गोपनीयता बनाए रखने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब कैबिनेट बैठक के दिन मंत्री के साथ केवल एक अधिकृत व्यक्ति को ही प्रवेश मिलेगा।
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मंत्रालय (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Mantralaya New Rules: महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय में प्रशासनिक कार्यों की गोपनीयता बनाए रखने और परिसर में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब कैबिनेट बैठक के दिन किसी भी मंत्री के साथ उनके कार्यालय का केवल एक ही अधिकृत व्यक्ति मंत्रालय के भीतर प्रवेश कर सकेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कैबिनेट कार्यवाही के दौरान होने वाले शोर-शराबे और अनावश्यक भीड़ के कारण कामकाज में आने वाली बाधाओं को पूरी तरह समाप्त करना है।

Maharashtra Mantralaya में कैबिनेट बैठक के दिन अक्सर कार्यकर्ताओं, राजनीतिक पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। इस स्थिति पर गंभीरता जताते हुए मुख्य सचिव ने कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं।

अब मंत्रियों के साथ आने वाले स्टाफ की संख्या को सीमित कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से न केवल सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी, बल्कि अधिकारियों को अपना काम बिना किसी दबाव या हस्तक्षेप के करने में आसानी होगी।

विशिष्ट अनुमतियां और प्रतिबंध

नए आदेश के तहत, यदि किसी असाधारण स्थिति में मंत्री के साथ एक से अधिक व्यक्ति का होना आवश्यक है, तो इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह अनुमति पत्र सुरक्षा अधिकारियों और संबंधित विभाग के सचिव को दिखाना होगा। साथ ही, नियम यह भी है कि कैबिनेट बैठक के दो घंटे पहले और दो घंटे बाद तक मंत्रालय की सातवीं मंजिल या कैबिनेट हॉल के आसपास कोई अन्य बैठक आयोजित नहीं की जाएगी।

अतिथि गृह के लिए भी नई नियमावली

यदि कैबिनेट की बैठक 'सह्याद्रि राज्य अतिथि गृह' में होती है तो वहां भी अनुशासन का पालन करना होगा। वहां केवल वर्तमान सांसदों और विधायकों को ही प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) में रुकने की अनुमति दी जाएगी। उनके निजी सहायकों या अन्य कार्यकर्ताओं को बैठक स्थल के पास आने की अनुमति नहीं होगी।

पहले ही लागू FRS

गौरतलब है कि मंत्रालय में भीड़ प्रबंधन के लिए यह पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले भी सरकार ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) यानी चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक को लागू किया था। इस तकनीक के माध्यम से मंत्रालय में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है ताकि संदिग्ध और अनावश्यक प्रवेश पर रोक लगाई जा सके।

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