

Yavatmal Zilla Parishad Roads: जिला परिषद के अधिकार क्षेत्र की करीब 18 किलोमीटर सड़कों को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के नॉर्थ वणी एरिया द्वारा कथित रूप से बिना पूर्व अनुमति और बिना मुआवजा दिए समाप्त किए जाने के मामले में अब उच्चस्तरीय जांच का रास्ता साफ हो गया है। जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा गुटनेता मंगलाताई दिनकर पावडे द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की गई मांग की मुख्यमंत्री सचिवालय ने दखल लेते हुए यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश के बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मामले की जांच के लिए जिला परिषद बांधकाम विभाग क्रमांक-1 के कार्यकारी अभियंता तथा वणी के गटविकास अधिकारी को साथ लेकर बैठक बुलाई है। यह बैठक 18 अगस्त को यवतमाल स्थित मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कक्ष में होगी। मंगला पावडे ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया था कि जिला परिषद के अधिकार क्षेत्र की करीब 18 किलोमीटर सड़कें WCL द्वारा समाप्त की गई हैं। इस संबंध में जांच रिपोर्ट में भी उल्लेख होने तथा जिला परिषद की सभा में प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी उन्होंने दी थी।
जिलाधिकारी के आदेशानुसार सड़क एवं जमीन का मुआवजा देने के लिए WCL प्रशासन तैयार होने की बात लिखित रूप से सामने आने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी उन्होंने लगाया था। इस पूरे प्रकरण में जिला परिषद एवं शासन को करीब 50 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान होने का दावा करते हुए पावडे ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा शासन को देय मुआवजा व नुकसानभरपाई तत्काल वसूल करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने से मंगला दिनकर पावडे की मांग को सफलता मिली है।
अब 18 अगस्त की बैठक में मामले से संबंधित दस्तावेजों, सड़क समाप्त किए जाने की प्रक्रिया तथा मुआवजे से जुड़े प्रकरण की समीक्षा होने की संभावना है। इससे लंबे समय से लंबित इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।