28 हजार लंबित मामलों को मिलेगा समाधान, किसानों को मुआवजा जल्द मिलने की उम्मीद

NHAI Mediation Cases Maharashtra: महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े 28 हजार से अधिक लंबित भू-अधिग्रहण मामलों के निपटारे के लिए 57 नए मध्यस्थ नियुक्त किए गए हैं।
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एनएचएआई (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Land Acquisition Case: महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े ने भू-अधिग्रहण के हजारों लंबित मामलों को जल्द सुलझाने के लिए केंद्र सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

राज्य में 57 नए मध्यस्थों (लवाद) की नियुक्ति की गई है, जिससे वर्षों से मुआवजे के इंतजार में बैठे 28 हजार से अधिक प्रभावित किसानों और परियोजना-प्रभावितों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मुद्दे पर विशेष पहल की। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ केंद्र और राज्य सरकार के बीच कई दौर की बैठकें हुई। राज्य के विभिन्न जिलों के प्रकरणों का गहन अध्ययन और लगातार अनुसरण करने के बाद अंततः यह नियुक्ति संभव हो सकी।

ये है पूरा मामला

राज्य में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अनेक परियोजनाएं चल रही हैं। भू-अधिग्रहण के बढ़े हुए मुआवजे से जुड़े 28 हजार से अधिक मामले मध्यस्थों के पास लंबित पड़े थे, जिनमें से कई मामले तीन साल से भी अधिक समय से अटके हुए थे। प्रभावितों के अधिकार, मुआवजे की पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने अलग से स्वतंत्र मध्यस्थों की मांग उठाई थी। इसी के अनुरूप अब महाराष्ट्र के अतिरिक्त आयुक्त और अतिरिक्त जिलाधिकारी स्तर के 57 अनुभवी अधिकारियों को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया गया है।

निगरानी और संसाधन की व्यवस्था

इन मध्यस्थों के कामकाज की हर महीने समीक्षा करने की जिम्मेदारी संभागीय आयुक्तों को दी गई है। इसके अलावा मध्यस्थों को आवश्यक मानव संसाधन और कार्यालयी खर्च के लिए एनएचएआई द्वारा निधि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि कामकाज में कोई बाधा न आए।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में भू-अधिग्रहण के दावे लंबित रहने से किसानों का मुआवजा अटकता है और परियोजनाओं में भी देरी होती है इस गंभीर समस्या को देखते हुए हमने केंद्र सरकार से लगातार मांग की थी। अब 57 नए मध्यस्थों की नियुक्ति से 28 हजार लंबित मामले एक निश्चित समयसीमा में निपटाए जाएंगे। इससे प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा मिलेगा और राज्य के विकास को गति मिलेगी।

-- चंद्रशेखर बावनकुले, राजस्व मंत्री, महाराष्ट्र

इन क्षेत्रों में काम करेंगे मध्यस्थ

  • नवनियुक्त 57 मध्यस्थ राज्य के सभी छह राजस्व विभागों (कोकण, पुणे, नाशिक, छत्रपती संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर) के जिलों में कार्यरत रहेंगे।
  • राजस्व विभाग के पत्र में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे तत्काल एनएचएआई के परियोजना निदेशक और भू-अधिग्रहण अधिकारियों की बैठक बुलाकर लंबित मामलों को इन मध्यस्थों के बीच बांटे।
  • कार्य में एकरूपता बनाए रखने के लिए एक ही निर्णय से जुड़े सभी दावे एक ही अधिकारी को सौंपे जाएंगे।
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