मैत्री पोर्टल’ से महाराष्ट्र में उद्योगों को बढ़ावा, बिजली दरों में चरणबद्ध कमी का सरकार का वादा
Devendra Fadnavis: ने महाराष्ट्र में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिजली दरों में चरणबद्ध कमी और ‘मैत्री पोर्टल’ के माध्यम से सभी मंजूरियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की घोषणा की।
- Written By: आंचल लोखंडे
MAITRI portal approvals Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Industrial Policy: महाराष्ट्र सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस (अनुमति) प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ बिजली दरों में भी चरणबद्ध कमी करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इससे राज्य देश का सबसे प्रतिस्पर्धी औद्योगिक केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य में उद्योगों के लिए 33 में से 20 अनुमतियां अब सेल्फ सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) के आधार पर दी जा रही हैं। बाकी 13 अनुमतियों को भी कम करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
बिजली दरों में मिलेगी बड़ी राहत
उद्योगों के लिए बिजली दरों में अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध कमी की जाएगी।
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- वर्तमान दर: ₹10।88 प्रति यूनिट
- लक्ष्य: घटकर ₹9।97 प्रति यूनिट
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2028-29 तक महाराष्ट्र देश में सबसे कम बिजली दर वाला राज्य बन जाएगा।
‘मैत्री पोर्टल’ से एक ही जगह सभी मंजूरी
सरकार ने ‘मैत्री पोर्टल’ को अधिक अधिकार दिए हैं, जिससे उद्योगों को एक ही मंच पर सभी मंजूरियां मिलेंगी।
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आवेदन की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव
- तय समय में सेवा न मिलने पर कार्रवाई का प्रावधान
- पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित
- ग्रीन और सस्टेनेबल इंडस्ट्री पर जोर
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
- कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी)
- सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा
- ग्रीन टेक्नोलॉजी का उपयोग
- एमएसएमई को भी मिलेगा प्रोत्साहन
- इस पहल में छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को भी विशेष लाभ मिलेगा।
- सरकार बड़े उद्योगों के साथ उनके सप्लायर को भी प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है।
- वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा महाराष्ट्र
- मुख्यमंत्री ने कहा कि “नो नॉनसेंस बिजनेस” नीति के तहत राज्य में पारदर्शी और स्थिर वातावरण तैयार किया जा रहा है।
- सरकार का लक्ष्य है कि महाराष्ट्र न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी औद्योगिक केंद्र बने।
