मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Illegal Transport Action: महाराष्ट्र में अवैध रूप से यात्रियों को ढोने वाले वाहनों पर लगाम लगाने का निर्देश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दिया है। राज्य के कोने कोने में नियमों को ताक पर रख कर यात्रियों को ढोया जा रहा है। गैर-कानूनी पैसेंजर ट्रांसपोर्ट की वजह से पब्लिक सेफ्टी का मुद्दा गंभीर होने के साथ लीगल ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
बिना लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट और बिना इंश्योरेंस के यात्रियों को भर भर कर चलने वाले अवैध गाड़ियों से एक्सीडेंट का खतरा बढ़ रहा है। इससे पैसेंजर की जान खतरे में पड़ रही है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने मोटर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट (RTO) को ऐसे गैर-कानूनी पैसेंजर ट्रांसपोर्ट पर रोक लगाने के लिए 1 मार्च से पूरे राज्य में अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
इस समस्या पर उन्होंने विधान भवन में एक बैठक बुलाई। बैठक में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजेश नार्वेकर और संबंधित अधिकारी मौजूद थे। मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि कैपेसिटी से ज़्यादा पैसेंजर ले जाने, गाड़ियों की रेगुलर चेकिंग न करने और सेफ्टी नियमों को नजरअंदाज करने की वजह से एक्सीडेंट की संभावना बढ़ रही है। यदि ऐसी गाड़ियों का वैलिड इंश्योरेंस नहीं है,तो एक्सीडेंट के बाद पैसेंजर को मुआवजा मिलना मुश्किल हो जाता है। कई बार गाड़ी के मालिक या ड्राइवर ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं,जिससे पीड़ितों को इंसाफ मिलने में देर होती है।
बैठक में मौजूद मंत्री प्रताप सरनाईक व परिवहन विभाग के अधिकारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
राज्य के ग्रामीण भागों में गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन से सरकारी बस सेवा को भी भारी नुकसान हो रहा है। ST कॉर्पोरेश, जो नियमों का पालन करते हैं, उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ST जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में यात्रियों की संख्या में कमी से तय रूट और शेड्यूल पर भी असर पड़ता है। जानकारों के मुताबिक अवैध ट्रांसपोर्टेशन सिर्फ़ एक आर्थिक मुद्दा ही नहीं बल्कि सोशल सिक्योरिटी का भी मुद्दा है। ऐसी गाड़ियां का उपयोग ह्यूमन ट्रैफिकिंग, डकैती या दूसरे अपराधों के लिए भी होता है।
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इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने कहा कि मोटर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को नियमों को सख्ती से लागू करने, रेगुलर इंस्पेक्शन कैंपेन चलाने के साथ बड़े पैमाने पर लोगों में जागरूकता फैलाने की ज़रूरत है। ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट लाइसेंसिंग प्रोसेस के ज़रिए लीगल ट्रांसपोर्ट को आसान बनाने के साथ ही यात्रियों को लाइसेंस्ड सर्विस इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी लेनी होगी।