

Mumbai BMC Commissioner Ashwini Bhide: एसआईआर 2026 को लेकर बीएमसी प्रशासन ने राजनीतिक दलों से मतदाताओं को जागरूक करने और आवश्यक दस्तावेजों के साथ मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की है। जिला निर्वाचन अधिकारी तथा बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के साथ समन्वय कर मतदाताओं तक पहुंचने और उन्हें उचित मार्गदर्शन देने को कहा है। एसआईआर के तहत प्रारूप मतदाता सूची पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है।
यदि किसी मतदाता का नाम प्रारूप सूची में नहीं है अथवा दर्ज किसी जानकारी को लेकर आपत्ति है, तो 30 सितंबर 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन की ओर से इसके लिए विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं को जानकारी दी जा रही है। इस संबंध में गुरुवार को मनपा मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त मनपा आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी सह आयुक्त विश्वास शंकरवार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में प्रशासन की ओर से एसआईआर के तहत अब तक पूरी की गई प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।
इसमें मतदान केंद्रस्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर संपर्क, गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन, दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन तथा मतदान केंद्रों के पुनर्गठन/युक्तिकरण जैसी प्रक्रियाएं शामिल है।
प्रशासन ने बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत मतदान केंद्रस्तरीय अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया गया। इसके साथ ही गणना प्रपत्रों का वितरण और संकलन भी किया गया है।
प्राप्त दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन तथा मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और युक्तिकरण जैसी प्रक्रियाएं भी पूरी की गई हैं।
अश्विनी भिड़े ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने स्तर पर मतदाताओं को SIR 2026 की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें। उन्होंने दलों से BLO के साथ समन्वय कर मतदाताओं की समस्याओं का समाधान कराने और पात्र लोगों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए मार्गदर्शन देने को कहा।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि प्रारूप मतदाता सूची में नाम या विवरण से संबंधित किसी भी तरह की समस्या होने पर मतदाता निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करा सकें।