प्रोटेस्ट के बीच महाराष्ट्र में MBBS छात्रों को मिली बड़ी राहत, 1 साल के बॉन्ड से आजादी, राज्य सरकार का फैसला
Maharashtra MBBS Bond Service: महाराष्ट्र सरकार ने MBBS स्नातकों के लिए 1 साल की अनिवार्य बॉन्ड सर्विस खत्म की। पदों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश।
- Written By: रूपम सिंह
MBBS छात्र (सोर्स सोशल मीडिया)
Maharashtra Govt Scraps MBBS Bond Service Mandatory: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए लागू एक वर्षीय सामाजिक जिम्मेदारी सेवा बॉन्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। सरकार ने यह फैसला एमबीबीएस स्नातकों की संख्या की तुलना में सेवा बॉन्ड के लिए उपलब्ध पदों की संख्या कम होने के कारण लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 23 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, अब राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, महानगरपालिका और निजी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को एक साल की अनिवार्य सेवा पूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी।
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हालांकि जिन एमबीबीएस डॉक्टरों ने आदेश जारी होने से पहले ही सेवा बॉन्ड के तहत मिले पद पर कार्यभार संभाल लिया है उन्हें निर्धारित अवधि पूरी करनी होगी। सरकार ने आदेश में कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने के साथ हर साल एमबीबीएस डिग्री हासिल करने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है लेकिन सेवा बॉन्ड के लिए सरकारी विभागों में उपलब्ध पद सीमित हैं।
किन छात्रों पर लागू होगा नया नियम
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन डॉक्टरों ने 23 जुलाई को आदेश जारी होने से पहले सेवा बॉन्ड के तहत आवंटित पद पर कार्यभार संभाल लिया है, उन्हें निर्धारित एक वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी। वहीं जिन छात्रों को अभी तक कोई पद आवंटित नहीं हुआ था या पद मिलने के बावजूद उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था, उन्हें इस नियम से पूरी तरह छूट दी गई है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने 9 जुलाई 2025 को चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि विभाग को इस नीति पर पुनर्विचार करने का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद सरकार ने सेवा बॉन्ड खत्म करने का निर्णय लिया। जिन छात्रों को सेवा बॉन्ड के तहत कोई पद नहीं मिला था या पद मिलने के बावजूद उन्होंने अभी तक कार्यभार ग्रहण – नहीं किया था, उन्हें भी इस नियम से छूट दी गई है।
