महाराष्ट्र के किसानों को संजीवनी! एक साल तक नहीं होगी ऋण वसूली, परीक्षा व बिजली बिल भी माफ
Maharashtra सरकार ने बारिश-बाढ़ से प्रभावित 34 जिलों के किसानों को बड़ी राहत दी। ऋण वसूली एक साल स्थगित की गई। साथ ही परीक्षा व बिजली बिल माफी, और 31,628 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Farmer Relief: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 34 जिलों में बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने सहकारी समितियों से लिए गए कृषि ऋणों को युक्तिसंगत बनाने और एक साल के लिए ऋण वसूली पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को जारी सरकारी आदेश (जीआर) के अनुसार, राज्य की 347 तहसीलों में फसलों, कृषि भूमि, मकानों और पशुधन को भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर जनहानि और पशुहानि की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।
10वीं और 12वीं के छात्रों की परीक्षा फीस भी माफ
सरकार ने घोषणा की है कि इन प्रभावित तहसीलों के किसानों को न केवल ऋण वसूली से राहत मिलेगी, बल्कि 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस भी माफ की जाएगी। इसके साथ ही, तीन महीने तक के बिजली बिल भी माफ करने का निर्णय लिया गया है।
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कृषि विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण में सामने आया है कि जून से सितंबर के बीच हुई लगातार बारिश और बाढ़ के चलते करीब 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। मराठवाड़ा और उसके आसपास के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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31,628 करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान
राज्य सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की भी घोषणा की थी। इस पैकेज में फसल हानि, मकान और दुकान क्षति, मवेशियों की मौत, मृदा अपरदन, अस्पताल उपचार, अनुग्रह राशि और सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए वित्तीय सहायता शामिल है।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों को तुरंत राहत देना और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को गति देना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत कार्यों में तेजी लाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र किसान तक सहायता समय पर पहुंचे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
