ट्रोलिंग पर मेयर रितु तावड़े का पलटवार, बोलीं- मुंबईकर तय करेंगे मैं रील स्टार हूं या रियल स्टार
Ritu Tawde Social Media Trolling: मुंबई मेयर रितु तावड़े ने कोस्टल रोड निरीक्षण पर हुई ट्रोलिंग का जवाब देते हुए कहा कि उनका दौरा बच्चों की सुरक्षा और नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए था।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
रितु तावड़े (सोर्सः IANS)
Mayor Ritu Tawde Social Media Trolling: कोस्टल रोड के निरीक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के बीच मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका दौरा किसी फोटोशूट या सोशल मीडिया प्रचार के लिए नहीं, बल्कि समुद्र की ऊंची लहरों के बीच रेलिंग के पास बैठे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए था।
तावड़े ने कहा कि कोस्टल रोड पर जाना एक मेयर के तौर पर उनका कर्तव्य था और यह फैसला सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वाले नहीं, बल्कि मुंबई की जनता करेगी कि मैं ‘मुंबईकर तय करेंगे मैं रील स्टार या रियल स्टार हूं’।
क्या है मामला?
मानसून के दौरान कोस्टल रोड के निरीक्षण करते समय तावड़े को समुद्र में ऊंचे ज्वार के बीच समुद्री दीवार पर बैठे लोगों को चेतावनी देते हुए देखा गया था। उन्होंने नागरिकों से खराब समुद्री परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में नहीं डालने की अपील की थी।
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हालांकि, इस दौरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उन पर सुरक्षा निरीक्षण को फोटोशूट और सोशल मीडिया प्रचार का माध्यम बनाने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक आधिकारिक वीडियो के जरिए ट्रोलिंग का जवाब देते हुए महापौर रितु तावड़े ने कहा कि उन्होंने कोस्टल रोड पर छोटे बच्चों को रेलिंग के बेहद करीब बैठे देखा था, जबकि समुद्र में तेज लहरें उठ रही थीं।
उन्होंने कहा कि मुझे कोस्टल रोड पर किए गए काम को लेकर ट्रोल किया गया। मैं वहां इसलिए गई थी, क्योंकि मैंने छोटे बच्चों को रेलिंग के किनारे बैठे देखा था। समुद्र की लहरें इतनी तेज थीं कि वे उन बच्चों को बहा ले जा सकती थीं। इसी वजह से मैं वहां पहुंची।
मुंबईवासियों के प्रति जिम्मेदारी का हिस्सा था दौरा
तावड़े ने कहा कि उनका दौरा मुंबईवासियों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा था, न कि सोशल मीडिया के लिए सामग्री तैयार करने का प्रयास था। अपनी राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शहर के सर्वोच्च नागरिक पद पर पहुंचने के बाद भी वह खुद को जमीनी स्तर की कार्यकर्ता मानती हैं।
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महापौर बनने से पहले मैं थी जमीनी स्तर कार्यकर्ता
रितु तावड़े ने कहा कि महापौर बनने से पहले मैं एक जमीनी स्तर की कार्यकर्ता थी। अथक परिश्रम से मैं नगरसेवक बनी और वहां से महापौर के पद तक पहुंची। मेरे भीतर का कार्यकर्ता हमेशा जीवित रहेगा, क्योंकि मैंने हमेशा जन आंदोलनों और सड़कों पर उतरकर काम किया है।
