महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! चुनाव आयोग ने दी मंजूरी, 30 जून से पहले माफ होगा 2 लाख तक का कर्ज
Maharashtra Farmers Loan Waiver 2026: महाराष्ट्र के किसानों के लिए कर्ज माफी का रास्ता साफ। चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद 30 जून से पहले आदेश होंगे जारी।
- Written By: अनिल सिंह
देवेंद्र फडणवीस की ऋण माफी योजना का रास्ता साफ (फोटो क्रेडिट-X)
Maharashtra Farmers Loan Waiver: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य के वार्षिक बजट में घोषित की गई इस ऋण माफी योजना को लेकर किसानों के मन में कई तरह के संशय थे। चूंकि राज्य की 17 स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में विधान परिषद के चुनाव (MLC Elections) घोषित हैं और 18 जून को मतदान होना है, इसलिए विपक्ष लगातार दावा कर रहा था कि आचार संहिता के चलते सरकार 30 जून की समयसीमा के भीतर इस योजना को लागू नहीं कर पाएगी। लेकिन राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर दिल्ली से चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह योजना बजट का हिस्सा है और इसकी घोषणा चुनाव से पहले हुई थी, इसलिए इस पर रोक नहीं लगाई जाएगी।
इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब राज्य के सहकारिता विभाग और कृषि बैंकों में युद्ध स्तर पर काम शुरू हो गया है। बच्छू कडू और महाविकास अघाड़ी के संयुक्त दबाव के बाद प्रशासन ने लाभार्थियों की सूचियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य खरीफ सीजन (Kharif Season) की बुआई शुरू होने से पहले ही किसानों के सिर से पुराने कर्ज का बोझ पूरी तरह हटाना है, ताकि वे नए सिरे से खेती के लिए बैंकों से ताजा फसली ऋण (Crop Loan) हासिल कर सकें।
नियमित कर्ज चुकाने वाले ईमानदार किसानों को मिलेगा 50,000 का इनाम
इस योजना का सबसे व्यावहारिक पहलू यह है कि यह केवल डिफ़ॉल्टर्स (कर्ज न चुकाने वाले) की मदद नहीं कर रही, बल्कि उन ईमानदार किसानों का भी सम्मान कर रही है जिन्होंने तंगी के बावजूद अपने बैंक लोन की किश्तें समय पर जमा की हैं। ऐसे सभी नियमित कर्जदाता किसानों की पहचान कर उनके बैंक खातों में सीधे ‘अल्पकालिक प्रोत्साहन राशि’ (Short-term Incentive) के रूप में 50,000 रुपये की नकद सहायता सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। इस कदम से किसानों में बैंकिंग साख बनाए रखने का उत्साह बढ़ेगा।
सम्बंधित ख़बरें
पीएम मोदी की अपील से प्रेरित होकर मुंबई की सड़कों पर साइकिल चलाती दिखी अमृता फडणवीस, देखें उनका डैशिंग अंदाज
JNPA पोर्ट पर दिख रहा अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, ड्राइवरों की कमी से कंटेनर मूवमेंट प्रभावित
भाभी से अवैध संबंध का विरोध करने पर पत्थर से कुचलकर की देवर की हत्या, दहिसर का दिल दहला देने वाला मामला
किसान की बेटी ने CM से मांगा हक तो मिला हॉस्टल छोड़ने का नोटिस, विवाद बढ़ा तो प्रशासन को पीछे खींचने पड़े कदम
ये भी पढ़ें- भाभी से अवैध संबंध का विरोध करने पर पत्थर से कुचलकर की देवर की हत्या, दहिसर का दिल दहला देने वाला मामला
बच्चू कडू के महाआंदोलन और किसान आक्रोश के आगे झुका प्रशासन
इस कर्ज माफी को धरातल पर लाने का पूरा श्रेय प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू के उस राष्ट्रव्यापी किसान मोर्चे को जाता है, जिसने मुंबई से लेकर नागपुर तक सरकार की नींद उड़ा दी थी। बच्चू कडू ने चेतावनी दी थी कि यदि जून महीने की शुरुआत तक किसानों के सात-बारा (Land Records) को पूरी तरह कर्ज मुक्त नहीं किया गया, तो राज्य का हर एक किसान आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तापक्ष के खिलाफ वोट की चोट करेगा। इस राजनीतिक और सामाजिक दबाव के कारण ही शिंदे-फडणवीस सरकार को इस योजना को शीर्ष प्राथमिकता देनी पड़ी।
30 जून से पहले जारी होंगे आधिकारिक आदेश, सीधे खातों में आएगी राहत
सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, ऋण माफी का पहला आधिकारिक सरकारी आदेश (GR) अगले कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जाएगा। 30 जून 2026 की कट-ऑफ डेट से पहले राज्य के लगभग 40 लाख से अधिक पात्र किसानों के लोन अकाउंट्स को पूरी तरह नील (Zero) कर दिया जाएगा। इस बड़ी वित्तीय राहत के कारण न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी (नकदी का प्रवाह) बढ़ेगी, बल्कि बेमौसम बारिश और कृषि उत्पादों के गिरते दामों से बेहाल हो चुके विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के किसानों को आत्महत्या के आत्मघाती कदम उठाने से भी रोका जा सकेगा।
