

Dahisar Sagar Sugire Murder Case: मुंबई के रिहायशी इलाकों में अवैध संबंधों और पारिवारिक कलह के कारण होने वाले अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस मामले में शिकायतकर्ता महेश सुगीरे ने पुलिस को बताया कि आरोपी उनकी पत्नी (मृतक की भाभी) पर पिछले काफी समय से डोरे डाल रहा था और जबरन अवैध संबंध बनाने के लिए दबाव बना रहा था। इस बात की जानकारी जब महेश के छोटे भाई सागर को हुई, तो उसने समाज और परिवार में होने वाली बदनामी को रोकने के लिए खुद आगे बढ़कर इस मामले को शांति से सुलझाने का फैसला किया। 25 मई की रात वह इसी सिलसिले में आरोपी के घर के बाहर गया था।
चॉल की तंग गलियों और सीढ़ियों पर जब दोनों का आमना-सामना हुआ, तो आरोपी ने गुस्से में आपा खो दिया। उसने सागर को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वह उनके निजी मामलों में दखल न दे। जब सागर ने इसका पुरजोर विरोध किया, तो आरोपी ने उसे बालों से पकड़कर घसीटा और सीढ़ियों से सीधे नीचे कंक्रीट के फर्श पर फेंक दिया। इस भारी गिरावट के कारण सागर के सिर पर गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। इसके बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने पास ही पड़े एक बड़े पत्थर से सागर के सिर पर कई प्रहार किए।
चॉल में चीख-पुकार और हंगामा सुनकर जब तक स्थानीय लोग और चॉल के अन्य निवासी बाहर आए, सागर खून से पूरी तरह लथपथ होकर तड़प रहा था और आरोपी मौके से भागने की फिराक में था। स्थानीय नागरिकों की मदद से गंभीर हालत में सागर को तुरंत इलाज के लिए मुंबई के नायर अस्पताल (Nair Hospital) ले जाया गया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उसे वेंटिलेटर पर रखकर बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आंतरिक रक्तस्राव और सिर की हड्डियां पूरी तरह टूट जाने के कारण उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। भाई महेश की तहरीर पर पुलिस ने 26 मई को हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
वारदात की सूचना मिलते ही दहिसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक विशेष डिटेक्शन टीम का गठन किया। पुलिस ने डोंगरी केतकी पाड़ा इलाके की नाकाबंदी कर और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर फरार होने की कोशिश कर रहे 35 वर्षीय मुख्य आरोपी को डोंगरी के पास से ही धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कपड़ों पर भी मृतक के खून के निशान पाए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस चॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीद गवाहों के बयान भी दर्ज कर रही है ताकि अदालत में केस को मजबूत किया जा सके।
दहिसर पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पुराने आईपीसी (IPC) के बजाय नए लागू हुए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत सख्त कानूनी धाराओं में अपराध पंजीकृत किया है। आरोपी पर हत्या के लिए BNS की धारा 103(1), जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने के लिए धारा 115(2), शांति भंग करने और गाली-गलौज के लिए धारा 352 और जान से मारने की आपराधिक धमकी देने के लिए धारा 351(3) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपी को फांसी या उम्रकैद की अधिकतम सजा दिलाने के लिए चार्जशीट जल्द दाखिल करेंगे।