किसानों को कर्जमाफी के लिए करना होगा और इंतजार, मंत्री बावनकुले ने बताया देरी का कारण
Chandrashekhar Bawankule: महाराष्ट्र सरकार की ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना’ के तहत 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएंगे।
- Written By: आंचल लोखंडे
Maharashtra farm loan waiver (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Farmers Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना’ को लेकर राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है। रविवार को नागपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन सरकार अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और जल्द ही पात्र किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
बावनकुले ने बताया कि सरकार ने 30 सितंबर 2025 तक के 2 लाख रुपए तक के बकाया फसल ऋण को माफ करने का निर्णय लिया है। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। यह समिति वर्तमान में कर्जमाफी के मानदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों का बारीकी से अध्ययन कर रही है।
उन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब और छोटे किसानों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिनके पास अपनी गाड़ी, बंगला या फार्म हाउस है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
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उन्होंने आगे कहा कि कर्जमाफी योजना से राज्य के लगभग 28 से 30 लाख किसानों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है। इसके लिए राज्य सरकार पर लगभग 35,000 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ आने का अनुमान है। बावनकुले ने भरोसा दिलाया कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
अतिक्रमण और भू-स्वामित्व पर बड़ा फैसला
कर्जमाफी के अलावा, राजस्व मंत्री ने सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को लेकर भी सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने घोषणा की कि साल 2011 से पहले सरकारी जमीन पर बने 1500 वर्ग फुट तक के मकानों को नियमित किया जाएगा। इससे राज्य के करीब 15 लाख लोगों को मालिकाना हक मिलेगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि इन पट्टों की रजिस्ट्री केवल 1000 रुपए में की जाएगी। लेकिन 1500 वर्ग फुट से अधिक के अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
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लंबित मामलों और अफवाहों पर रोक
किसानों की भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए सरकार ने 57 नए मध्यस्थों (आबिट्रेटर) की नियुक्ति की है, जो अगले तीन महीनों में लंबित 28 हजार मामलों का निपटारा करेंगे।
साथ ही, बावनकुले ने देश में लॉकडाउन और ईंधन की कमी से जुड़ी खबरों को महज अफवाह करार दिया और जनता से पैनिक न होने की अपील की। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नेताओं को संवेदनशील मुद्दों पर मीडिया में चर्चा करने के बजाय पुलिस या मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए।
