महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था 51 लाख करोड़ के पार! बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण ने दी बड़ी खुशखबरी
Maharashtra Economic Survey: महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था 7.9% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो भारत की विकास दर 7.4% से अधिक है।
- Written By: आकाश मसने
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Economy 2026: महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में पेश किए गए बजट पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह विकास दर राष्ट्रीय स्तर पर अनुमानित 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर से अधिक है, जो देश की प्रगति में महाराष्ट्र की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है।
51 लाख करोड़ की GSDP का लक्ष्य
आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) को 51 लाख करोड़ रुपए आंका गया है। वहीं, स्थिर कीमतों पर वास्तविक GSDP 28.82 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। अगर चालू वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें, तो राज्य की नॉमिनल GSDP 46.22 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 7.3 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि देखी गई है।
महाराष्ट्राची वेगवान झेप!
2025-26 मध्ये महाराष्ट्राचा स्थूल राज्य उत्पन्नाचा अंदाजित वृद्धीदर (GSDP) 7.9% Unstoppable Growth!
Maharashtra’s GSDP Climbs to an estimated 7.9% in 2025-26@Dev_Fadnavis #Maharashtra #MahaSamruddhi #DevendraFadnavis #MahaBudget2026 pic.twitter.com/CbNQ8qCrCd — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) March 5, 2026
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सर्विस सेक्टर बना मुख्य इंजन
महाराष्ट्र की विकास यात्रा में सेवा क्षेत्र (Services Sector) सबसे बड़ा चालक बना हुआ है। यह क्षेत्र राज्य के कुल सकल राज्य मूल्य वर्धित (GSVA) में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान देता है। वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं के दम पर 2025-26 में इस क्षेत्र में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।
उद्योग और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन
सर्वेक्षण के मुताबिक, उद्योग क्षेत्र में 2025-26 के दौरान 5.7 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है। वर्ष 2025 में अच्छे मानसून (सामान्य का 109.1 प्रतिशत) ने कृषि उत्पादन को काफी सहारा दिया है। खरीफ सीजन में गन्ना और कपास के उत्पादन में क्रमशः 22% और 7% की वृद्धि की उम्मीद है, हालांकि दलहन और तिलहन के उत्पादन में गिरावट आ सकती है। रबी सीजन में अनाज और दलहन उत्पादन में क्रमशः 28.3% और 29.7% की भारी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
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महाराष्ट्र वित्तीय स्थिति और प्रति व्यक्ति आय
महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा वित्तीय केंद्र बना हुआ है। 2024-25 में भारत की नॉमिनल जीडीपी में राज्य की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत है। इसके अलावा, अक्टूबर 2019 से मार्च 2025 के बीच देश में आए कुल एफडीआई (FDI) में महाराष्ट्र 31 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹3,47,903 अनुमानित है, जो ₹2,19,575 के राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
राजकोषीय अनुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर
राज्य ने एक दशक से अधिक समय से अपने राजकोषीय घाटे को GSDP के 3 प्रतिशत के भीतर रखकर वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। मेट्रो नेटवर्क, सड़कों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों जैसे बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश महाराष्ट्र को एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 6 मार्च को विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
